तिरुवनंतपुरम : सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करेगा। इसका मकसद मंदिर की पुरानी परंपराओं को बनाए रखना है।
बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने बताया कि इस विषय पर एक बैठक हुई थी। बैठक में तय किया गया कि मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने की मांग अदालत के सामने रखी जाएगी। सबरीमला मंदिर में लंबे समय से मासिक धर्म आयु की महिलाओं के प्रवेश पर रोक रही है।
साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। इस फैसले के खिलाफ कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गई थीं। ये याचिकाएं अभी अदालत में लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों से 14 मार्च तक अपना पक्ष रखने को कहा है।
जयकुमार ने साफ कहा कि टीडीबी की एक ही राय है। मंदिर की परंपराओं की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के फैसले की समीक्षा करना बोर्ड का अधिकार नहीं है लेकिन जब पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई होगी तब बोर्ड अपना पक्ष मजबूती से रखेगा।
इसके साथ ही बोर्ड ने कई प्रशासनिक सुधारों की घोषणा भी की है। 14 अप्रैल विषु के दिन पंपा में एक उत्सव कार्यालय शुरू किया जाएगा। वहीं बोर्ड की बैठकें भी होंगी।
सबरीमला के लिए आय और खर्च का पूरा बजट तैयार किया जाएगा। इससे अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी। पैसों के इस्तेमाल में पारदर्शिता लाई जाएगी।
दुकानों और व्यावसायिक जगहों के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। साफ-सफाई, बिजली सुरक्षा और कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया जाएगा। कचरा निपटान के लिए वैज्ञानिक व्यवस्था लागू की जाएगी।
तीर्थयात्रियों के लिए कमरों का आवंटन बेहतर ढंग से किया जाएगा। अलग-अलग भाषाओं में घोषणाएं की जाएंगी। एक मासिक पत्रिका शुरू करने की भी योजना है। बोर्ड का कहना है कि इन कदमों से व्यवस्था मजबूत होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।