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भारत-कनाडा व्यापार को नई रफ्तारः पीएम मोदी ने कहा-"व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता जल्द होगा”

2030 तक 50 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य, साझेदारी मजबूत करेंगे भारत-कनाडा। निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

By डॉ. अभिज्ञात

Mar 02, 2026 19:07 IST

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। भारत-कनाडा सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मिलकर व्यापार और निवेश बढ़ाने के लिए अहम फैसले लिए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारें नीतियां और ढांचा तैयार कर सकती हैं, लेकिन व्यापार को आगे बढ़ाने में उद्योग जगत की बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि मजबूत घरेलू मांग, युवा आबादी, बड़े निवेश और डिजिटल तकनीक देश की ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सुधार कर रही है, जिससे कारोबार करना आसान हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा मिलकर बड़ी आर्थिक ताकत बन सकते हैं। दोनों देशों का संयुक्त जीडीपी 6 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि साझेदारी सिर्फ दिल्ली और ओटावा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि राज्यों और प्रांतों तक बढ़नी चाहिए। अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर दोनों देश ज्यादा लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने भरोसा जताया कि सीईपीए समझौता होने से व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कनाडा के पेंशन फंड भारत में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुके हैं, जो भारत की अर्थव्यवस्था पर उनके भरोसे को दिखाता है।

इससे पहले आज प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा के साथ संबंधों में हुई प्रगति की सराहना की। राष्ट्रीय राजधानी में हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य के दौरान उन्होंने कहा, “आज हमने इस दृष्टि को अगले स्तर की साझेदारी में बदलने पर चर्चा की। हमारा लक्ष्य 2030 तक 50 अरब डॉलर के व्यापार तक पहुंचना है। आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता को खोलना हमारी प्राथमिकता है। इसलिए हमने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से दोनों देशों में नए निवेश और रोजगार के अवसर खुलेंगे।”

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