🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

युद्ध जैसे हालात में कई उड़ानें रद्द, सिंधु और शुभश्री को देश वापस लाने में जुटा केंद्र

विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, यह बात केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कही है।

नई दिल्ली: ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन में पीवी सिंधु खेल पाएंगी या नहीं, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। मंगलवार को लंदन में उनका पहला मुकाबला थाईलैंड की सुपानिदा कातेतोंग से होना है लेकिन सिंधु दुबई में फंसी हुई हैं और उन्हें नहीं पता कि अगली उड़ान कब मिलेगी। शनिवार को दुबई पहुंचने के बाद वहां हालात बिगड़ने लगे। पीवी सिंधु बेंगलुरु से लंदन जा रही थीं। उनके साथ कोच इरवांसिया आदि प्रातामा भी थे। दुबई उतरने के बाद पता चला कि लंदन की कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द कर दी गई है और दुबई एयरपोर्ट बंद है। रविवार सुबह एक वीडियो संदेश में सिंधु ने बताया कि दुबई पहुंचने के बाद से हालात लगातार भयावह होते गए और आसमान में मिसाइल इंटरसेप्ट होने की आवाजें सुनाई दे रही थीं।

शनिवार को बंगाल की अभिनेत्री शुभश्री गांगुली भी अपने छोटे बेटे के साथ दुबई घूमने गई थीं और वहीं फंस गईं। उनके पति राज चक्रवर्ती ने एई समय को बताया कि, 'वह पाम जुमेराह के पास एक होटल में ठहरी हैं। वहां कुछ दिक्कतें होने के कारण उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह सुरक्षित हैं और स्थिति सामान्य होते ही वापस लौटेंगी।'

यह तो रही सेलिब्रिटियों की बात। फंसे हुए लोगों की सूची में कई आम लोग भी शामिल हैं। कोलकाता में श्रेयसी गंगोपाध्याय की शनिवार रात नींद उड़ गई थी। उनके भाई विवाह वर्षगांठ के मौके पर दुबई गए थे। साथ में पत्नी और छोटा बच्चा भी था। वे पाम जुमेराह के पास एक होटल में ठहरे थे। शनिवार दोपहर के बाद खबर आई कि पाम जुमेराह में ही ड्रोन हमला हुआ है। उसके बाद से श्रेयसी बार-बार कोशिश करने के बावजूद अपने भाई से संपर्क नहीं कर पा रही थीं। रविवार सुबह भाई से बात होने के बाद उन्हें राहत मिली।

शौनक दत्त घर लौटते समय फंस गए हैं। वे टेक्सास में रहते हैं। एतिहाद एयरलाइंस से अबू धाबी होते हुए कोलकाता लौट रहे थे। शनिवार सुबह अबू धाबी पहुंचने पर पता चला कि सभी उड़ानें रद्द हैं। अबू धाबी हवाईअड्डा बंद है। शनिवार उन्होंने पत्नी और बच्चे के साथ हवाईअड्डे पर ही समय बिताया। रविवार व्हाट्सऐप चैट में उन्होंने बताया कि सुबह उनके लिए विशेष वीजा की व्यवस्था कर होटल ले जाया गया है। वे कब कोलकाता लौट पाएंगे, यह पता नहीं है।

युद्ध जैसे हालात में पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में फंसे इन असंख्य भारतीयों को वापस लाना मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। रूस–यूक्रेन युद्ध के समय विशेष रूप से यूक्रेन में फंसे भारतीयों को केंद्र सरकार ने वापस लाया था लेकिन इस बार की स्थिति अलग और कहीं अधिक जटिल है। कारण यह है कि दुबई, अबू धाबी सहित पश्चिम एशिया के कई देशों के हवाईअड्डे बंद हैं। यात्री विमानों के उड़ान भरने का सवाल ही नहीं उठता। एकमात्र उपाय यह हो सकता है कि भारत सेना के विमान भेजकर लोगों को वापस लाए लेकिन इसमें भी समस्या है क्योंकि पश्चिम एशिया के अधिकांश देशों का हवाई क्षेत्र भी बंद है। वहां ड्रोन और मिसाइल उड़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार के विमान का उड़ान भरना बेहद जोखिम भरा है, यहां तक कि सेना के विमानों के लिए भी।

दिल्ली में सरकारी सूत्रों का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर गृह, विदेश, नागरिक उड्डयन और रक्षा मंत्रालय ने निकासी की तैयारी शुरू कर दी है। पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों के साथ संपर्क रखकर निकासी योजना तैयार की जा रही है। स्थिति थोड़ी भी अनुकूल होते ही उसे लागू किया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर रख रहे हैं। आज दिल्ली में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर की बैठक हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को कहा कि विभिन्न देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी युद्ध जैसे हालात में विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने में हम सफल रहे हैं। अभी स्थिति बेहद खतरनाक है और उन देशों में आना-जाना संभव नहीं हो पा रहा है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने रविवार को दावा किया कि ईरान में कश्मीर के 1200 से अधिक छात्र फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। पुणे के एक उच्च शिक्षा संस्थान के 84 छात्र दुबई में फंसे हुए हैं। वे स्टडी टूर पर गए थे। दूसरी ओर भारत में फंसे विदेशियों के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय ने सहायता का हाथ बढ़ाया है। रविवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर विदेशियों के भारत में रहने के वीजा की अवधि बढ़ाई जाएगी।

Next Article
सिर्फ पश्चिम बंगाल नहीं राष्ट्रपति भवन ने 8 अन्य राज्यों के राज्यपालों को बदला, किसकी कहां हुई नियुक्ति?

Articles you may like: