नयी दिल्लीः असम में गुरुवार शाम भारतीय वायुसेना का एक अत्याधुनिक लड़ाकू विमान अचानक रडार से गायब हो गया, जिसके बाद उसे खोजने के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।
भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद करबी आंगलोंग जिले के ऊपर उड़ान के दौरान रडार से संपर्क से बाहर हो गया।
शाम 7:42 बजे आखिरी संपर्क
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत के अनुसार विमान से आखिरी संपर्क शाम 7:42 बजे हुआ था। इसके बाद विमान से कोई सूचना नहीं मिल पाई और उसे “ओवरड्यू” घोषित कर दिया गया।
विमान को ओवरड्यू तब माना जाता है जब वह निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचता या तय समय से 30 मिनट के भीतर कोई संपर्क नहीं होता। ऐसी स्थिति में तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया जाता है।
जंगलों में दुर्घटना की आशंका
करबी आंगलोंग जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चोकीहोला क्षेत्र के कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि जंगल के अंदर किसी विमान के गिरने जैसी घटना हुई है।
कुछ लोगों ने कथित दुर्घटना स्थल की तस्वीरें भी साझा की हैं। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती और जांच के लिए एक टीम मौके पर भेजी जा रही है।
पुलिस और राहत दल रवाना
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संभावित स्थान पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है, इसलिए सटीक जगह तक पहुंचने में समय लग रहा है।
इसी बीच जोरहाट के वायुसेना अस्पताल से पांच एंबुलेंस भी करबी आंगलोंग के लिए रवाना की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
रूसी तकनीक पर आधारित शक्तिशाली लड़ाकू विमान
भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुखोई-30 एमकेआई दो सीटों वाला लंबी दूरी तक मार करने वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है। यह विमान रूस की कंपनी सुखोई द्वारा विकसित किया गया है और भारत में इसे लाइसेंस के तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार किया जाता है।
भारतीय वायुसेना के पास ऐसे 260 से अधिक सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान मौजूद हैं, जो उसकी सबसे अहम लड़ाकू ताकतों में से एक माने जाते हैं। फिलहाल विमान और पायलट के बारे में अधिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, जबकि खोज और बचाव अभियान जारी है।