अगर आप दिल्ली NCR क्षेत्र के फरीदाबाद में रहते हैं और काम के सिलसिले में अक्सर जेवर एयरपोर्ट आना-जाना आपका लगा रहता है तो अब आपके लिए अच्छी खबर है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) यानी जेवर एयरपोर्ट से फरीदाबाद के बीच आवाजाही करने में अब तक कम से कम 1.30 से 2 घंटे का समय लगता था। लेकिन अब यह दूरी घटने वाली है और इसके साथ ही इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय भी पहले के मुकाबले कम होने वाला है।
मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट के बीच 31 किलोमीटर लंबा ग्रीन एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इसकी वजह से महज 15 मिनट में फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी को तय करना संभव हो सकेगा। क्या-क्या होगा इस ग्रीन एक्सप्रेसवे में खास?
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह ग्रीन एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा, जो स्मार्ट सिटी फरीदाबाद को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा। एक बार बनकर तैयार हो जाने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट के बीच आवाजाही करने में 15 से 20 मिनट का ही समय लगेगा। बताया जाता है प्रबंधन शुरुआत में इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन का बनाने वाली है लेकिन भविष्य में इसे 8 लेन तक चौड़ा करने की योजना है। पूरी तरह से बनकर तैयार होने के बाद जेवर एयरपोर्ट से यह फरीदाबाद के इंडस्ट्रीयल एरिया को सीधे तौर पर जोड़ देगा।
कहां से कहां तक बनेगा एक्सप्रेसवे?
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड (सेक्टर 65) से यह नया एक्सप्रेसवे शुरू होगा जो उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित दयंतपुर में जाकर खत्म होगा। बताया जाता है कि यह एक्सप्रेसवे 31 किलोमीटर लंबा होगा।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार यह एक्सप्रेसवे 31 किलोमीटर लंबा होगा जिसमें से 22 से 24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा और करीब 7 से 9 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे 18 गांवों से होकर गुजरेगा जिसमें से 12 हरियाणा और 6 उत्तर प्रदेश होंगे।
क्या होगा रूट?
हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे जिन गांवों से होकर गुजरेगा वो हैं - शाहपुर, सोताई, चांदवाली, बाहबलपुर, फफुंदा, पनहेरा खुर्द, नर्हवली, मेहमदपुर, हीरपुर, मोहना, कालन और बागपुर। वहीं उत्तर प्रदेश में जिन गांवों से होकर यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा, उनमें शामिल है- झुप्पा, फलैदा बांगड़, अमरपुर, करौली बांगड़, वल्लभनगर और दयंतपुर शामिल हैं।
नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अप्रैल 2026 तक इस एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा खोल दिया जा सकता है। वहीं अप्रैल 2027 तक यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।