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क्या मार्च में कश्मीर जाने का प्लान है? ये 5 वजहें आपको तुरंत टिकट बुक करने पर कर देंगी मजबूर

क्या मार्च में कश्मीर जाना सही फैसला होगा? क्या मार्च में कश्मीर की वास्तविक खूबसूरती को महसूस किया जा सकेगा?

By Moumita Bhattacharya

Feb 20, 2026 01:18 IST

मार्च के महीने में कश्मीर जाने का प्लान तो बना रहे हैं लेकिन अभी तक निश्चित नहीं हो पाए हैं कि टिकट बुक करें या नहीं? मार्च के महीने में कश्मीर में क्या-क्या चीजें देखने को मिलेंगी? क्या मार्च के महीने में जब भारी बर्फबारी रुक जाती है तब कश्मीर 'धरती का स्वर्ग' लगेगा?

अगर आपके मन में भी कश्मीर के ट्रिप को लेकर ये सभी सवाल घूम रहे हैं तो हमारी मानिए और टिकट बुक कर डालिए। हम आपको बताने वाले हैं वो 5 वजहें जिनके कारण आप भी यह सोचने के लिए मजबूर हो जाएंगे/जाएंगी कि अगर अभी कश्मीर नहीं आता/आती तो बहुत कुछ मिस कर जाता/जाती।

5 वजहें जो मार्च के महीने में कश्मीर को बनाता है आदर्श -

1. मौसम

मार्च के महीने में कश्मीर जाने की सबसे बड़ी वजह मौसम है। इस महीने में न तो कड़ाके वाली और जमा देने वाली चिल्लई कलां जैसी ठंड होती है और न ही देश के समतल जैसी गर्मी। सोनमर्ग और गुलमर्ग ऐसी जगहें हैं जहां मार्च के महीने में भी हल्की बर्फबारी को एंजॉय किया जा सकता है। वहीं पहलगाम में भी मार्च के महीने में काफी ठंड रहती है। इसलिए यह जगह पार्टनर या यंग कपल्स के लिए बिल्कुल सही और सुकून देने वाला डेस्टिनेशन बन जाता है।

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चेरी ब्लॉसम X

2. ट्यूलिप गार्डन का दोबारा खुलना

इस साल मार्च के महीने में कश्मीर जाने की एक प्रमुख वजह ट्यूलिप गार्डन यानी इंदिरा गांधी मेमोरियल गार्डन का दोबारा खुलना है। पिछले साल हुए आतंकी हमले के बाद इस गार्डन को बंद कर दिया गया था जिसे हाल ही में खोलने का फैसला लिया गया है। इस गार्डन को मार्च के तीसरे सप्ताह में खोले जाने की संभावना है जिसके बाद से यह करीब 1 महीने तक खुला रहेगा। लाखों ट्यूलिप के फूल, सैंकड़ों रंग और शानदार पहाड़ी नजारा...इसे भला कोई कैसे मिस कर सकता है।

3. निशात बाग

ट्यूलिप गार्डन की तरह ही मार्च के महीने में निशात बाग की खूबसूरती भी अपने पूरे शबाब पर होती है। इसे मुगल गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। मार्च के महीने में ही निशात बाग में चिनार के पेड़ों पर कलियों का आना और फूलों का खिलना शुरू होता है। इसके साथ ही यहां चेरी ब्लॉसम के कई पेड़ हैं, जो मार्च के महीने में ही खिलते हैं। एक तरफ बर्फ से ढंकी पहाड़ों की चोटियां और उनके सामने गुलाबी फूलों से पटा चेरी ब्लॉसम का पेड़...जरा सोचिए क्या ही नजारा होगा वह!

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4. प्रवासी पक्षियों का आना-जाना

मार्च के महीने में नीचले समतल वाले इलाकों में बर्फ का पिघलना शुरू हो जाता है। इस वजह से झरने से लेकर पानी के सोते और नदियों में पानी का बहाव शुरू हो जाता है। कई तरह के रंग-बिरंगे फूल खिलने का भी यहीं समय होता है। इस कारण बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी कश्मीर की ओर आकर्षित होते हैं। अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं और प्रकृति, पक्षी, हरियाली इत्यादि आपको आकर्षित करती है तो कश्मीर जाने का इससे अच्छा असर और कोई नहीं हो सकता।

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5. कम भीड़ - ज्यादा सुकून

जी हां, सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ने की वजह से कश्मीर में पर्यटकों की भीड़ भी बढ़ने लगी है लेकिन मार्च का मौसम पिक सीजन नहीं होने की वजह से यहां पर्यटकों का भारी जमावड़ा नहीं लगता। भीड़ जितनी कम होगी, सुकून उतना ज्यादा मिलेगा। हाउस बोट हो या शिकारा राइड, होटल की बुकिंग हो या साइट सीइंग करना हो ...हर जगह को आप आराम से एक्सप्लोर कर सकेंगे। इसके साथ पिक सीजन नहीं होने की वजह से होटल या गाड़ी का किराया आदि भी बजट में ही मिलने की संभावना ज्यादा होगी।

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