हैदराबाद : हैदराबाद के सिर पर एक नया ताज जुड़ने जा रहा है बनने जा रहा है भारत का सबसे ऊंचा मंदिर- हरे कृष्ण टावर। इस शहर में जहां व्यस्तता है, वहीं सदियों पुराने स्मारक भी हैं। यहां के मुगलई खानपान की ख्याति भी पूरी दुनिया में है। अब विश्वास है कि तीर्थक्षेत्र के रूप में भी हैदराबाद महत्व हासिल करेगा।
2024 के अगस्त में हरे कृष्ण हेरिटेज टावर का शिलान्यास किया गया था। भारत के सबसे ऊंचे इस मंदिर की ऊंचाई लगभग 430 फुट होगी। इसे विश्व के महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने का विश्वास है।
कैसा होगा यह हरे कृष्ण हेरिटेज टावर?
इटली के पीसा की झुकी मीनार की ऊंचाई 187 फुट है। कुतुब मीनार की ऊंचाई 240 फुट है। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 305 फुट है। लेकिन हरे कृष्ण हेरिटेज टावर 430 फुट ऊंची एक अद्भुत स्थापत्य कृति होगा।
कौन-कौन से मंदिर होंगे?
विश्वव्यापी हरे कृष्ण आंदोलन के संस्थापक-आचार्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की स्मृति में हैदराबाद के नरसिंगी में लगभग छह एकड़ क्षेत्र में फैला यह मंदिर बनाया जा रहा है। हरे कृष्ण टावर में राधा-कृष्ण, निताई गौरांग, सीता-राम-लक्ष्मण, हनुमान और वेंकटेश्वर स्वामी के मंदिर होंगे।
आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार देव-देवियों को विशेष भव्य वस्त्र पहनाए जाएंगे। फूलों की सजावट और विशेष रत्नों से देवमूर्तियों को अलंकृत किया जाएगा। गर्भगृह में निरंतर हरे कृष्ण महामंत्र जप की व्यवस्था होगी। त्योहार और उत्सवों के साथ-साथ यज्ञ और विशेष अभिषेक का भी आयोजन किया जाएगा।
जगन्नाथ मंदिर की तरह होगा चक्र
टावर का निर्माण पूरा होने पर मुख्य मंदिर के ऊपर दिव्य सुदर्शन चक्र स्थापित किया जाएगा, जो पुरी के जगन्नाथ मंदिर के नील चक्र की प्रतिकृति होगा। तांबा, लोहा, जस्ता, सीसा, चांदी, पीतल, पारा और सोने के मिश्रण से शक्ति के प्रतीक इस विशेष चक्र का निर्माण किया जाएगा।
गौ-चरण क्षेत्र भी होगा। मंदिर परिसर में आश्रम, सुसज्जित उद्यान, पुस्तकालय, श्रीमद्भगवद्गीता प्रदर्शनी और सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र सहित कई अन्य सुविधाएं होंगी, जहां भारत की परंपरा और संस्कृति की झलक दिखेगी।
मंदिर के चेयरमैन और मेंटर मधु पंडित दास ने कहा कि हरे कृष्ण हेरिटेज टावर की ऊंचाई 120 मीटर होगी। यह प्रतीकात्मक स्मारक भारतीय परंपरा से समृद्ध हैदराबाद का सांस्कृतिक प्रतीक बनेगा।’
मंदिर समिति के अध्यक्ष सत्य गौर चंद्र दास ने कहा कि यह स्थापत्य तिरुमला मंदिर और बृहदीश्वर मंदिर जैसे प्राचीन मंदिरों से प्रेरित है।
उल्लेखनीय है कि तेलंगाना के इस मंदिर का शिलान्यास अगस्त 2024 में किया गया था हालांकि इसका पूर्ण निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। हरे कृष्ण हेरिटेज टावर कब भक्तों के लिए खोला जाएगा, यह अभी ज्ञात नहीं है।