नई दिल्ली : दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने होली के दौरान नशे में गाड़ी चलाने वालों के लिए शहरभर में एक विशेष अभियान चलाया। जिसके अंतर्गत नशे में गाड़ी चलाने के मामलों में 1200 से अधिक चालान जारी किए गए। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी साझा किया।
यह अभियान 4 मार्च को शहरव्यापी अभियान के तहत चलाया गया। इसका उद्देश्य होली के दौरान नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना था। ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बुधवार को होली के दौरान नशे में गाड़ी चलाने के कुल 1204 चालान काटे गए। यह संख्या पिछले वर्ष होली पर दर्ज 1213 मामलों की तुलना में थोड़ी कम है।
कुल मिलाकर इस वर्ष ट्रैफिक उल्लंघनों में भी उल्लेखनीय कमी देखी गई। विशेष अभियान के दौरान नशे में ड्राइविंग सहित कुल 4 हजार 929 चालान जारी किए गए, जो पिछले वर्ष होली पर दर्ज 7 हजार 230 उल्लंघनों की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत कम हैं।
पश्चिमी रेंज, जिसमें द्वारका, आउटर और पश्चिमी जिले शामिल हैं, उनमें इस वर्ष नशे में ड्राइविंग के सबसे अधिक 297 मामले दर्ज किए गए।
केंद्रीय रेंज में ऐसे 257 मामले सामने आए, जबकि उत्तरी रेंज, जिसमें रोहिणी, आउटर और आउटर नॉर्थ दिल्ली शामिल हैं, उनमें 256 मामले दर्ज किए गए। पूर्वी रेंज, जिसमें शाहदरा, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली शामिल हैं, उनमें 208 मामले दर्ज किए गए। वहीं दक्षिणी रेंज, जिसमें दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली आती है, उनमें 117 चालान जारी किए गए।
नई दिल्ली रेंज, जिसमें दक्षिण-पश्चिम और नई दिल्ली जिले शामिल हैं, उनमें सबसे कम 69 मामले दर्ज किए गए। पुलिस के अनुसार त्योहार के दौरान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर कई चेकपॉइंट लगाए गए, जहां चालकों की ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई।
नशे में ड्राइविंग के अलावा ट्रैफिक पुलिस ने अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी बड़ी संख्या में चालान किए। आंकड़ों के अनुसार सीट बेल्ट न लगाने, तीन सवारी बैठाने, हेलमेट न पहनने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने और अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों में शहरभर में 3 हजार 725 चालान जारी किए गए।
इनमें पूर्वी रेंज में सबसे अधिक 740 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद पश्चिमी रेंज में 672, दक्षिणी रेंज में 646, केंद्रीय रेंज में 627 और उत्तरी रेंज में 504 मामले सामने आए।
नई दिल्ली रेंज में 536 उल्लंघन दर्ज किए गए, जिससे पता चलता है कि त्योहार के दौरान विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया। ट्रैफिक पुलिस की टीमें प्रमुख सड़कों और उन स्थानों पर तैनात की गईं, जहां त्योहार के दौरान अधिक भीड़ रहती है, ताकि वाहन चालकों की निगरानी की जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इस विशेष अभियान का उद्देश्य नियमों के उल्लंघन को रोकना और त्योहार के दौरान सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
पुलिस ने यह भी कहा कि नशे में वाहन चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ जाता है, इसलिए वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे शराब पीने के बाद वाहन न चलाएं।