काठमांडू : नेपाल के आम चुनाव 2026 के लिए मतदान गुरुवार को सम्पन्न हो गया और देशभर के मतदान केंद्रों पर मतपेटियों को बंद कर सील कर दिया गया।
2026 का आम चुनाव हिमालयी देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता मतदान करने और अपनी-अपनी पार्टियों के चुनाव अभियानों का नेतृत्व करने के लिए सक्रिय रूप से सामने आए। चुनावी प्रक्रिया देश के सभी 77 जिलों में एक ही चरण में आयोजित की गई।
द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार कुल 1,89,03,689 पात्र मतदाता 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा के चुनाव में भाग ले रहे हैं। वर्ष 2022 के मुकाबले इस बार 9,15,000 से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं, जिससे मतदाताओं की जनसांख्यिकीय संरचना में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। महत्वपूर्ण रूप से अब 52 प्रतिशत मतदाता 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के हैं, जो राष्ट्रीय परिणामों पर युवाओं के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
आयोग ने त्वरित परिणाम देने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि मतगणना शुरू होने के 24 घंटे के भीतर फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट प्रणाली के परिणाम प्रकाशित करने का लक्ष्य है। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने आज सुबह काठमांडू के धापासी मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला।
अंतरिम प्रधानमंत्री की भागीदारी कई महीनों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद एक नई निर्वाचित सरकार की ओर संक्रमण में महत्वपूर्ण क्षण मानी जा रही है। इससे पहले “जेन-जेड आंदोलन” के कारण कई राजनीतिक नेताओं को इस्तीफा देना पड़ा था, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी शामिल हैं।
मतदान करने के बाद एएनआई से बातचीत में कार्की ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के समापन पर कहा, “मेरा कर्तव्य पूरा हो गया है।” ये त्वरित चुनाव सितंबर में हुए ऐतिहासिक “जेन-जेड आंदोलन” के कारण कराने पड़े। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार हट गई और प्रतिनिधि सभा भंग कर दी गई, जिसके बाद 12 सितंबर को कार्की को कार्यकारी प्रमुख नियुक्त किया गया।