तेहरानः ईरान के दक्षिणी शहर मीनाब में लड़कियों के एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए घातक हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी (Ali Larijani) ने इस घटना को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर तीखा हमला बोला है।
लारीजानी ने सोशल मीडिया मंच X (एक्स) पर एक पोस्ट में मीनाब में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह घटना "मासूम बच्चियों की सामूहिक शहादत" है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला "अमेरिकी-इजराइली अपराधियों" की कार्रवाई का परिणाम है।
उन्होंने अमेरिका की तथाकथित “शक्ति के माध्यम से शांति” की नीति पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह सिद्धांत अब निर्दोषों के खून से दागदार हो चुका है।
ट्रंप को सीधी चुनौती
लारीजानी ने अपने बयान में सीधे ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा,“मिस्टर ट्रंप! क्या यही वह गीत है जिसे आपने ईरान में आजादी के लिए रचा है?” उनका आरोप है कि अमेरिका ईरान में स्वतंत्रता की बात करता है, लेकिन उसकी नीतियां वास्तविकता में इसके विपरीत हैं।
स्कूल पर हमले में भारी जनहानि
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के होरमोजगान प्रांत के मीनाब इलाके में स्थित एक गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला उस समय हुआ जब पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष
तनाव उस समय और बढ़ गया जब शनिवार को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरानी क्षेत्र में संयुक्त सैन्य कार्रवाई की गई। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) सहित कई वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की खबर सामने आई।
इसके जवाब में ईरान ने कई अरब देशों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की श्रृंखला शुरू कर दी। संघर्ष अब छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्रीय स्तर पर इसके और फैलने की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिकी ठिकानों और इज़राइली लक्ष्यों पर हमले
तेहरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और इज़राइली संपत्तियों को निशाना बनाया है। दूसरी ओर इज़राइल ने भी तेहरान पर हमले जारी रखते हुए संघर्ष को लेबनान तक विस्तारित कर दिया है, जहां हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है।
अमेरिका से बातचीत से इनकार
इस बीच लारीजानी ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया हमलों के बाद ईरान अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए तैयार नहीं है। यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें कहा गया था कि ओमान के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता फिर शुरू हो सकती है। लारीजानी ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद भू-राजनीतिक तनाव को और जटिल बना सकता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।