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5 दिन में हजार पार! ईरान में मौतों की कतार, तेहरान का भी पलटवार

‘दुश्मन’ देश को सबक सिखाने की धमकी US-इजराइल की।

तेहरान : पाँच दिन बीत जाने के बाद भी युद्ध की तीव्रता कम नहीं हुई उल्टा मौतों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सरकारी मीडिया का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान में कम से कम 1,145 लोगों की जान गई है। इसी के बीच बुधवार को पेंटागन का विस्फोटक दावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की कोशिश की थी ईरान ने। इसलिए दुश्मन देश को ‘खत्म’ किए बिना यह हमला नहीं रुकेगा! अमेरिका का दावा है कि पिछले पाँच दिनों में ईरान भर में कम से कम दो हजार लक्ष्य नष्ट किए गए हैं। इसके जवाब में पश्चिम एशिया भर में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रख रहा है ईरान भी। अमेरिका - इजराइल को सबक सिखाने के प्रयास में ईरान के निशाने पर कुवैत, सऊदी अरब, इराक जैसे देश भी आ रहे हैं और इससे स्थिति और जटिल हो रही है।

बेटा ही उत्तराधिकारी

अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में शनिवार को ईरान के सुप्रीम नेता आयतोल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद सवाल उठ रहा था उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? बुधवार को ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का दावा है कि मारे गए सुप्रीम नेता आयतोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज़तबा खामेनेई को ही उनके पिता के पद पर बैठाया जा रहा है। वही ईरान के अगले सुप्रीम नेता होंगे। सूत्रों के अनुसार बेटे को अपना उत्तराधिकारी बनाने के लिए आयतोल्ला तैयार नहीं थे लेकिन उनके परिवार के लगभग बाकी सभी सदस्य अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हमले में मारे जाने के कारण मोज़तबा को ही सुप्रीम पद पर बैठाया जा रहा है। इधर खामेनेई का अंतिम संस्कार टल गया है। सरकारी पक्ष का दावा है तेहरान की इमाम खोमेनी मुसल्लाह मस्जिद तथा कम्युनिटी कॉम्प्लेक्स में खामेनेई का शव रखा जाएगा। बुधवार स्थानीय समय रात 10 बजे से वहाँ जाकर ईरानी सुप्रीम नेता को श्रद्धांजलि दे सकेंगे। तीन दिन श्रद्धांजलि देने के बाद अंतिम संस्कार होगा।

हॉर्मुज़ को लेकर चिंता

इसी बीच ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रखने से दुनिया भर में तेल की आपूर्ति और अन्य व्यापार सवालों के घेरे में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार हॉर्मुज़ में फँसे कम से कम 10 जहाजों पर ईरान ने हमला किया है। हालांकि उनके साथ खड़े होने के इनाम के तौर पर मित्र देश चीन के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा बुधवार को ईरान ने की है। इस स्थिति में ट्रंप का दावा है, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कराने के लिए तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करके लाने के लिए अमेरिकी नौसेना तैयार है इसलिए बेवजह डरने की कोई वजह नहीं है!

पेंटागन की चेतावनी

ट्रंप के आश्वासन के बावजूद जिस तरह उनका देश धमकी देता जा रहा है उससे पश्चिम एशिया की स्थिति तुरंत सामान्य होने की कोई संभावना नहीं दिख रही है ऐसा कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बुधवार को पेंटागन से एक प्रेस ब्रीफिंग में दावा किया कि मात्र चार दिनों में अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ बेहद सफल रहा है। उनका कहना है कि वे (ईरान) पूरी तरह घिर चुके हैं, यह वे समझ भी रहे हैं। 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की कोशिश करने वाले जिस ईरानी कमांडर को हमने ढूंढकर मार गिराया है। उन्हें खत्म किए बिना अमेरिका नहीं रुकेगा। ईरान पर और बड़े हमलों की लहर आने वाली है। राष्ट्रपति ट्रंप ही जीत की मुस्कान मुस्कुराएँगे।

इजराइल का हमला भी जारी

उधर इजराइल भी तेहरान और लेबनान (हिज़्बुल्लाह के खिलाफ) हमले जारी रखे हुए है। इजराइल की सेना का दावा है उन्होंने ईरान भर में बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं। बुधवार को भी तेहरान भर में विस्फोट की आवाजें सुनी गईं। साथ ही क़ोम, कराज और इस्फहान शहरों के विनाश की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ईरान का दावा था कि उनके परमाणु केंद्रों को निशाना बनाकर हमला कर रहे हैं अमेरिका - इजराइल लेकिन इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) का दावा है इस्फहान न्यूक्लियर साइट के पास की दो इमारतें विस्फोट में नष्ट हुई हैं लेकिन परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है और वहाँ से रेडियोधर्मी विकिरण का कोई खतरा नहीं है।

ईरान का पलटवार

हालाँकि ईरान भी चुप नहीं बैठा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दावा है कि पश्चिम एशिया भर में अमेरिकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए उन्होंने कम से कम 230 ड्रोन हमले किए हैं। इनमें इरबिल सैन्य अड्डा, अली अल-सलेम एयरबेस और कुवैत का कैंप अरिफजान भी शामिल हैं। दुबई के अमेरिकी कॉन्सुलेट के पास ही पार्किंग लॉट में ड्रोन हमला हुआ है। रियाद में अमेरिकी दूतावास भी ईरानी ड्रोन हमले से कुछ हद तक क्षतिग्रस्त हुआ है लेकिन अमेरिका को निशाना बनाने के प्रयास में ईरान जिस तरह पश्चिम एशिया भर में हमले कर रहा है उसे लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर सवाल उठ रहे हैं। सदस्य देश तुर्की को निशाना बनाकर मिसाइल दागने को लेकर नाटो ने ईरान की कड़ी निंदा की है। तुर्की के विदेश मंत्री ने भी ईरान को फोन कर मिसाइल हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। कुवैत में भी एक के बाद एक ईरानी मिसाइलें गिर रही हैं। इससे 11 साल की एक बच्ची की बुधवार को मौत हो गई ऐसा कुवैत ने बताया है।

बातचीत की मांग खारिज

बातचीत के जरिए भी युद्ध की स्थिति सामान्य होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बातचीत की मांग को खारिज करते हुए साफ कहा है यह लड़ाई अमेरिका और इजराइल जैसे ‘शैतानों’ के खिलाफ है। रुकने का कोई सवाल नहीं है। वहीं ट्रंप का गर्व भरा दावा है कि ईरान की एयर डिफेंस, वायुसेना, नौसेना, देश का नेतृत्व सब मिट चुका है। अब वे बातचीत करना भी चाहें तो बहुत देर हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि बदले के नाम पर तेहरान ऐसे-ऐसे देशों पर हमला कर रहा है जिन्होंने ईरान को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया। इस गलती की कीमत ईरान को चुकानी होगी। ट्रंप का दावा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का यह ऑपरेशन कम से कम 4–5 हफ्ते और चलेगा। हालांकि उससे ज्यादा भी चले तो अमेरिका तैयार है, ऐसा दावा डॉन का है।

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