नई दिल्ली: भारत ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के निधन पर संवेदना व्यक्त की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास जाकर भारत सरकार की ओर से शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली को भारत की ओर से सहानुभूति का संदेश दिया।
मालूम हो कि खामेनेई की गत सप्ताह अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान दूतावास ने राजनयिकों, अधिकारियों और आम लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक पुस्तिका खोली है।
इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। खामेनेई के निधन के बाद ईरान दूतावास ने अपने परिसर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया।
इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जबकि इजराइल ने भी अपने हमले जारी रखे हैं और संघर्ष का दायरा लेबनान तक फैल गया है।
इस बीच भारत ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विवाद का समाधान संवाद व कूटनीति के जरिए करने की अपील की है। भारत ने कहा कि क्षेत्र में हिंसा बढ़ने से कई लोगों की जान जा चुकी है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।