नई दिल्ली: श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा टॉरपीडो से ईरानी युद्धपोत डुबोने की घटना पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर विपक्ष ने गुरुवार को सवाल उठाए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरते हुए उन पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा भारत के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों से लापरवाह दूरी सभी के सामने है। खड़गे ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 से लौट रहा एक निहत्था ईरानी जहाज़ हिंद महासागर क्षेत्र में निशाना बनाया गया, लेकिन सरकार की ओर से चिंता या संवेदना का कोई बयान नहीं आया। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में 38 भारतीय झंडे वाले व्यापारी जहाज़ और लगभग 1100 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान में लक्षित हत्याओं पर भी सरकार ने अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी के नेता सलमान खुर्शीद ने श्रीलंका के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना पर हुए हमले पर गहरी चिंता जताई।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी ईरानी युद्धपोत के डूबने पर चिंता जताई और कहा कि जहाज़ और उसका दल भारत में आयोजित नौसैनिक अभ्यास के लिए यहां मेहमान के रूप में आए थे। वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने ईरान पर अमेरिका-इज़राइल हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी देश को दूसरे देश पर नियंत्रण थोपने का अधिकार नहीं है।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष पर प्रधानमंत्री की चुप्पी ऐसे समय में खतरनाक संकेत देती है, जब वैश्विक तनाव बढ़ रहा है।
हालांकि भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत को अंधाधुंध तरीके से ईरान का पक्ष लेने की मांग करना गलत है। देश की विदेश नीति राष्ट्रीय हित और नागरिकों की सुरक्षा से तय होनी चाहिए, न कि विपक्ष की “पुरानी वैचारिक प्रतिक्रियाओं से।
भाजपा नेताओं अमित मालवीय और प्रदीप भंडारी सहित कई नेताओं ने कांग्रेस को भारत-विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल विभाजनकारी राजनीति करता है और देश की बजाय अपने वोट बैंक की चिंता करता है।
यह विवाद उस घटना के बाद शुरू हुआ जब एक अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। यह जहाज़ भारत द्वारा आयोजित बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘मिलन’ में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था।