पटनाः बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नीतीश के राज्यसभा के लिए नामांकन भरने के बाद बिहार की राजनीति में नई स्थिति बनती दिखाई दे रही है। विपक्ष इसे सत्ता परिवर्तन की रणनीति के रूप में देख रहा है। हालांकि इस फैसले को सत्ता पक्ष सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बता रहा है।
अन्य एनडीए उम्मीदवारों का नामांकन
नितीश के अलावा एनडीए के अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। इनमें प्रमुख रूप से उपेन्द्र कुशवाहा और भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं।
नीतीश कुमार ने क्या कहा
करीब दो दशकों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे 75 वर्षीय नीतीश कुमार ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे इस बार राज्यसभा के चुनाव में हिस्सा लेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे इस बार राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के लोगों के साथ उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा और राज्य के विकास के लिए उनका संकल्प पहले की तरह मजबूत रहेगा। जो नई सरकार बनेगी, उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।
भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की संभावना
बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली थी। अब नीतीश के पद छोड़ने के बाद संभावना है कि भाजपा का कोई नेता मुख्यमंत्री बने। यदि ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। हिंदी भाषी राज्यों में बिहार ही ऐसा राज्य रहा है जहां अब तक भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं बना है।
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चा
इस घटनाक्रम के बीच नीतीश के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चा भी तेज हो गई है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पार्टी और युवाओं की मांग पर निशांत कुमार के राजनीति में आने का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। अटकलें यह भी हैं कि वे नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं।
राज्यसभा चुनाव की स्थिति
बिहार से 5 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होगा और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आज गुरुवार है। विधानसभा में एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण नीतीश का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।