नई दिल्लीः अमेरिकी, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय एयरलाइंस ने गुरुवार को 281 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह इस संकट की निगरानी लगातार कर रहा है और यात्रियों को अपने फ्लाइट स्टेटस पर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान 1,461 शिकायतों का समाधान एयरसेवा, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से किया गया है। यात्रियों के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 011-24604283 और 011-24632987 जारी हैं।
प्रमुख एयरलाइंस की स्थिति
मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु हवाई अड्डों से कम से कम 170 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा और मस्कट के लिए उड़ानों को सीमित रूप से फिर से शुरू किया, साथ ही दुबई, मस्कट और रास अल खैमाह के लिए विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी।
इंडिगो शुक्रवार को आठ मध्य पूर्वी गंतव्यों के लिए 17 उड़ानें संचालित करेगी।
स्पाइसजेट ने 13 विशेष उड़ानें घोषित की हैं, जबकि अकासा एयर की मुंबई-जेद्दा वापसी समेत एक उड़ान संचालित होगी।
अबू धाबी, दोहा, रियाद और कुवैत के लिए उड़ानें 7 मार्च तक निलंबित रहेंगी।
एयरस्पेस पर प्रभाव
मध्य पूर्व के कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइंस की अधिकांश उड़ानें 10 मार्च तक प्रभावित रहेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन एयरलाइंस के पास मध्य पूर्व के लिए उच्च संख्या में अंतरराष्ट्रीय मार्ग हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित होंगी।
S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने भी इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह संकट भारतीय-प्रधान एयरलाइंस के संचालन पर असर डाल सकता है, क्योंकि मध्य पूर्व यूरोप और एशिया के बीच यात्री ट्रैफिक का प्रमुख केंद्र है।