सुखोई जेट फिर से हुई दुर्घटनाग्रस्त। असम के कर्बी आंग्लॉन्ग जिले में भारतीय वायु सेना का एक सुखोई युद्ध विमान Su-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम को नियमित प्रशिक्षक के समय ही यह दुर्घटना घटी। उस समय सुखोई फाइटर जेट से उड़ान भर रहे एयर फोर्स के दोनों पायलट की मौत हो गयी है। भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से एक पोस्ट कर इस बात की पुष्टि की है।
मृत दोनों पायलट की पहचान स्क्वॉड्रन लिडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुर्वेश दुरागकर के तौर पर की गयी है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वायु सेना ने लिखा है, 'दो सहकर्मियों की मौत से हम आहत हैं। मृतकों के परिजनों के प्रति हमारी संवेदना है।'
गुरुवार को असम के जोड़हाट से उक्त सुखोई लड़ाकू विमान ने उड़ान भरी थी। इसके बाद रडार से उसका संपर्क टूट गया था। IAF की ओर से अपने आधिकारिक X हैंडल पर कल रात को ही सुखोई विमान के गायब होने की जानकारी शेयर की गयी थी। शुक्रवार की भोर में इस बात की पुष्टि हो सकी कि सुखोई विमान दुर्घटना का शिकार बना है। बताया जाता है कि जोड़हाट एयरबेस से करीब 60 किलोमीटर दूर कर्बी आंग्लॉन्ग के एक पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा बरामद किया गया है।
IAF acknowledges the loss of Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh Duragkar, who sustained fatal injuries in the Su-30 crash. All personnel of the IAF express sincere condolences, and stand firmly with the bereaved family in this time of grief.@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD… pic.twitter.com/zUtfUJ2ewr
— Indian Air Force (@IAF_MCC) March 6, 2026
इससे पहले जून 2024 में भी सुखोई SU 30MKI के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिली थी। उस समय यह विमान महाराष्ट्र के नासिक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि इस दुर्घटना में पायलट व को-पायलट की जान बच गयी थी।
गौरतलब है कि सुखोई SU 30MKI एक 2 सीटर ट्वीनजेट 4.5 जेनरेशन का फाइटर जेट है। यह एक लड़ाकू विमान है। इस विमान का डिजाइन रुस ने तैयार किया है। भारत के HAL में इस विमान का उत्पादन होता है। इस लड़ाकू विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ब्रह्मोस मिसाइल दागने में सक्षम है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में भारतीय वायुसेना के पास 200 से अधिक सुखोई जेट मौजूद हैं।