वाशिंगटन डी सी : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प-टैरिफ लगाने के फैसले को रद्द कर दिया था। लेकिन यह नहीं बताया गया कि राष्ट्रपति के निर्देश के अनुसार पिछले अप्रैल से अमेरिका में सामान निर्यात के लिए दर बढ़ी है। बढ़ी हुई दर 1.3 लाख करोड़ डॉलर (लगभग 12 लाख करोड़ रुपये) पहले ही राजकोष में जमा हो चुके हैं, उनका क्या होगा।
अब ट्रम्प प्रशासन पर दबाव बढ़ाते हुए यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के न्यायाधीश रिचर्ड ईटन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नई दर पर जितना भी शुल्क ट्रम्प सरकार ने वसूला है, वह सब वापस करना होगा। यह कब तक और किस तरह लौटाया जाएगा, इसकी रूपरेखा वह अगली सुनवाई में देंगे। क्योंकि आज फैसला सुनाते समय उन्होंने यह भी बता दिया कि इस बढ़े हुए शुल्क से जुड़े सभी मामले आगे चलकर केवल उनकी अदालत में ही दायर किए जाएंगे। और सभी मामलों की सुनवाई के बाद वह इस संबंध में आगे की दिशानिर्देश जारी करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस बढ़े हुए शुल्क से जुड़े सभी मुकदमे भविष्य में सिर्फ उनकी ही अदालत में दाखिल किए जाएंगे और सभी मामलों की सुनवाई के बाद वह इस विषय पर आगे की गाइडलाइन जारी करेंगे।
व्यापार और शुल्क विशेषज्ञों का दावा है कि भले ही शुल्क के मद में राजकोष में 1.3 लाख करोड़ डॉलर जमा हुए हों, लेकिन ब्याज सहित अमेरिकी सरकार को लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर (16 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक) लौटाने पड़ सकते हैं, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है। दूसरी ओर नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि इस फैसले के खिलाफ दोबारा अमेरिकी सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाना पोटस (अमेरिकी राष्ट्रपति) के लिए केवल समय की बात है।