नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से सोने और चांदी की कीमतें फिर बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब दुनिया में राजनीतिक या भू-राजनीतिक अस्थिरता होती है, तब निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित जगह यानी “सुरक्षित संपत्ति” जैसे सोना और चांदी में लगाने लगते हैं। यही वजह है कि इस समय सोने और चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं।
बुधवार को देश के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने की कीमत 1.33 प्रतिशत बढ़ी। MCX गोल्ड फ्यूचर्स में 10 ग्राम का भाव 1,63,265 रुपये हुआ। इस कीमत में ऐतिहासिक उच्चतम स्तर से सिर्फ 17 हजार रुपये का अंतर है।
सोने के साथ ही चांदी की कीमत भी बढ़ी। MCX सिल्वर फ्यूचर्स में प्रति किलोग्राम कीमत 5,682 रुपये या 2.1 प्रतिशत बढ़कर 2,71,000 रुपये हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी आज कीमतों में तेजी देखी गई। स्पॉट गोल्ड का प्रति औंस भाव 1.6 प्रतिशत बढ़कर 5,168 डॉलर हो गया। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स का प्रति औंस भाव 5,178 डॉलर तक पहुंचा।
सेबी-रजिस्टर्ड बाजार विशेषज्ञ अनुज गुप्ता के अनुसार आज सोने और चांदी की कीमतों की अंतर्निहित प्रवृत्ति सकारात्मक है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की बढ़ती उत्तेजना ने सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि हॉरमूज जलसंधि में आपूर्ति बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्रास्फीति पर दबाव पड़ सकता है। इस प्रभाव से दुनिया के विभिन्न देशों की मुद्राओं पर भी दबाव बनेगा।
अनुज गुप्ता ने यह भी कहा कि यदि डॉलर और भारतीय रुपया दोनों कमजोर रहें, तो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं।