नई दिल्ली : दूरसंचार नियामक भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2025 तिमाही के अंत में देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की कुल संख्या 1,017.81 मिलियन थी, जो दिसंबर 2025 तिमाही के अंत तक बढ़कर 1,028.61 मिलियन हो गई। इस प्रकार तिमाही आधार पर 1.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कुल 1,028.61 मिलियन इंटरनेट उपभोक्ताओं में से 45.32 मिलियन वायर्ड (तारयुक्त) और 983.29 मिलियन वायरलेस (बेतार) उपभोक्ता हैं।
इंटरनेट उपभोक्ताओं में 1,007.35 मिलियन ब्रॉडबैंड और 21.25 मिलियन नैरोबैंड उपयोगकर्ता शामिल हैं। ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या सितंबर 2025 के 995.63 मिलियन से बढ़कर दिसंबर 2025 में 1,007.35 मिलियन हो गई, जो 1.18 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं नैरोबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 22.18 मिलियन से घटकर 21.25 मिलियन हो गई, यानी 4.18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
वायरलाइन (लैंडलाइन) उपभोक्ताओं की संख्या सितंबर के 46.61 मिलियन से बढ़कर दिसंबर में 47.37 मिलियन हो गई, जो 1.62 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि है। सालाना आधार पर इसमें 20.63 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वायरलाइन टेली-घनत्व सितंबर के 3.29 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर में 3.33 प्रतिशत हो गया।
वायरलेस सेवाओं के लिए प्रति उपयोगकर्ता औसत मासिक आय सितंबर तिमाही के 190.99 रुपये से बढ़कर दिसंबर तिमाही में 194.57 रुपये हो गई, जो 1.87 प्रतिशत की वृद्धि है। सालाना आधार पर वायरलेस एआरपीयू में 7.03 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिसंबर 2025 तिमाही में प्रीपेड उपभोक्ताओं का मासिक एआरपीयू 194.12 रुपये और पोस्टपेड उपभोक्ताओं का 199.05 रुपये रहा।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल टेलीफोन उपभोक्ताओं की संख्या सितंबर 2025 के 1,228.94 मिलियन से बढ़कर दिसंबर 2025 में 1,306.14 मिलियन हो गई। यह 6.28 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि को दर्शाता है। पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में यह 9.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। देश में कुल टेली-घनत्व 86.65 प्रतिशत से बढ़कर 91.74 प्रतिशत हो गया।
ट्राई ने मंगलवार को दिसंबर 2025 तिमाही के लिए “इंडियन टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट” जारी की। इस रिपोर्ट में भारत में दूरसंचार सेवाओं के प्रमुख मानकों और वृद्धि रुझानों के साथ-साथ केबल टीवी, डीटीएच और रेडियो प्रसारण सेवाओं की स्थिति का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया गया है। यह रिपोर्ट मुख्य रूप से सेवा प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।