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'ईरान पागलों के हाथ में, ईरानी धर्मगुरुओं के पास हथियार नहीं होंगे तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित': अमेरिकी विदेश मंत्री

ट्रंप प्रशासन का दावा: ईरान को नहीं रोका जाता तो परमाणु युद्ध का खतरा था

By डॉ.अभिज्ञात

Mar 04, 2026 14:13 IST

वॉशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले का बचाव करते हुए कहा कि जब कट्टरपंथियों के पास विनाशकारी हथियार नहीं रहेंगे तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।

रुबियो ने कहा कि ईरान धार्मिक कट्टरपंथी पागलों के हाथ में चल रहा है। उनकी महत्वाकांक्षा परमाणु हथियार हासिल करने की है। वे मिसाइल, ड्रोन और आतंकवाद के कार्यक्रम के पीछे छिपकर परमाणु हथियार विकसित करना चाहते हैं, ताकि दुनिया उनसे डरकर कुछ कर न सके। अभी वे पहले से कहीं ज्यादा कमजोर हैं और यही उनके खिलाफ कार्रवाई करने का सही समय है। राष्ट्रपति ने फैसला लिया कि उनकी मिसाइलें, नौसेना, ड्रोन और उन्हें बनाने की क्षमता खत्म कर दी जाए ताकि वे कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सकें। जब ये कट्टरपंथी मौलवी इन हथियारों तक पहुंच नहीं रखेंगे, तब दुनिया ज्यादा सुरक्षित होगी। आप देख रहे हैं कि वे अभी इनका कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं। सोचिए अगर एक साल बाद उनके पास और ज्यादा हथियार होते तो वे क्या करते।

ट्रंप ने भी लगभग इसी तर्ज पर ईरान के इस्लामी शासन को पागल बताया और कहा कि अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो वे उसका इस्तेमाल कर चुके होते।

ट्रंप ने मंगलवार रात (स्थानीय समय) एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर हमने अभी जो कदम उठाया है वह नहीं उठाते तो परमाणु युद्ध हो सकता था और कई देश तबाह हो जाते। वे बीमार और मानसिक रूप से अस्थिर लोग हैं। वे गुस्से से भरे और पागल हैं। अगर उनके पास परमाणु हथियार होता तो वे उसे जरूर इस्तेमाल करते।”

ट्रंप के प्रमुख समर्थक माने जाने वाले अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति का धन्यवाद किया और कहा कि ईरान से आने वाले रोडसाइड बमों ने सैकड़ों, शायद हजारों अमेरिकी सैनिकों को घायल या मार डाला है।

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि ईरान से खतरा बिल्कुल स्पष्ट है। ईरान इतनी तेजी से बैलिस्टिक मिसाइलें बना रहा था कि क्षेत्रीय सहयोगी देशों के लिए उसका मुकाबला करना मुश्किल हो रहा था और इससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी बढ़ावा मिल रहा था।

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल कूपर ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल की वायु सेनाएं आसमान पर पूरी तरह हावी हैं। एकतरफा हमले करने वाले ड्रोन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे हैं और सैन्य अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मालूम हो कि मध्य पूर्व में संघर्ष अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई समेत कई प्रमुख नेताओं की मौत हो गई थी। इसके जवाब में तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़राइल से जुड़े ठिकानों पर पलटवार शुरू कर दिया है।

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