काली पड़ चुकी मिट्टी और उसके बीच में ही एक सीध में खुदे कई छोटे-छोटे कब्र। इन कब्रों को खोदने का काम कोई इंसान नहीं बल्कि बुल्डोजर से किया जा रहा है। हर कब्र को चुना से चिह्नित किया जा रहा है। आसपास में घूमते दिखाई दे रहे इक्का-दुक्का लोग। जी हां, यह ऐसी तस्वीर है जिसे देखकर पूरी दुनिया सिहर उठी है।
इस फोटो को X हैंडल पर पोस्ट किया है ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran foreign minister Abbas Araghchi) ने। यह फोटो इजरायल के हमले में मारी गई 165 छात्राओं के शवों को दफनाने की तैयारी की है जिन्हें सामूहिक रूप से दफनाया जा रहा है।
अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर गत शनिवार को हमला बोला था। इस हमले का पहला मिसाइल तेहरान के जोमहुरी स्क्वायर के एक आवासीय क्षेत्र में गिरा था। तुरंत आसपास का इलाका काले धुआं से ढंक गया था। इसके कुछ देर बाद ही हसन आबाद स्क्वॉयर से धमाके की तेज आवाज आयी थी। तीसरा धमाका मिनाब शहर में हुआ जहां एक गर्ल्स स्कूल पर मिसाइल से हमला किया गया था। सोशल मीडिया पर इस हमले की कई फोटो वायरल भी हुई थी।
हर फोटो में पूरा इलाका खून से सना नजर आ रहा था। कहीं स्कूल का बैग तो कहीं खुली किताबें पड़ी हुई थी। कंक्रिट के भारी स्लैब हटाकर छोटी बच्चियों का शव बचावकर्मी बाहर निकाल रहे थे। ईरान की राष्ट्रीय मीडिया IRNA के मुताबिक इस हमले में 165 स्कूली छात्राओं की मौत हो गयी थी। ईरान के विदेश मंत्री ने इसे 'ठंडे दिमाग से की गयी हत्या' करार दिया है।
These are graves being dug for more than 160 innocent young girls who were killed in the US-Israeli bombing of a primary school. Their bodies were torn to shreds.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 2, 2026
This is how "rescue" promised by Mr. Trump looks in reality.
From Gaza to Minab, innocents murdered in cold blood. pic.twitter.com/cRdJ3BELOn
सामूहिक कब्र की फोटो शेयर करते हुए अब्बास अराघची ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा वार किया है। उन्होंने लिखा है, 160 से ज्यादा छात्राओं की मौत हुई है। यहीं डोनाल्ड ट्रंप का तथाकथित बचाव कार्य है। नई दिल्ली के ईरानी दूतावास ने इन सामूहिक कब्रों की फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा है, 'नन्हीं देवदूतों की छोटी-छोटी कब्रें (Small graves for little angels)।'
सिर्फ ईरान ही नहीं, इन छोटी-छोटी कब्रों की फोटो को देखकर पूरा विश्व स्तंभित हो गया है। युद्ध के माहौल में छोटे बच्चे और किशोर-किशोरियां नहीं बच पाते हैं, यह इस बात का सबूत है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में भी इसे लेकर सवाल उठाया है। उनका आरोप है कि योजना बनाकर नागरिक संरचनाओं पर हमला करना युद्ध का अपराध है। हालांकि इजरायल ने मिनाब या उसके आसपास हमले के आरोपों को सीधे तौर पर अस्वीकार कर दिया है। अमेरिकी सेना का भी दावा है कि वह नुकसान की रिपोर्ट की जांच करेंगे।