बेत शेमेश (इजराइल): पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को उस नागरिक इलाके का दौरा किया, जहां हाल में ईरानी मिसाइल हमला हुआ था। मलबे और क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच खड़े होकर उन्होंने जारी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन रोअरिंग लायन’ को केवल इजराइल की सुरक्षा तक सीमित न बताते हुए इसे वैश्विक सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल और अमेरिका मिलकर उन खतरों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें वे अस्तित्वगत और व्यापक मानते हैं। उनके अनुसार, यदि ईरान को परमाणु हथियार और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता हासिल हो जाती है, तो यह केवल इजराइल ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने नागरिक क्षेत्रों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइल की प्राथमिकता अपने लोगों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है, जबकि इजराइल की कार्रवाई सैन्य ढांचे और नेतृत्व पर केंद्रित है।
इसी बीच इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की कि बेरूत में एक सटीक हमले में हिज़्बुल्लाह के इंटेलिजेंस मुख्यालय के प्रमुख हसन मकलाद को मार गिराया गया है। IDF के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदव शोशानी ने कहा कि लेबनान में कमांड और कंट्रोल सेंटर, लॉन्च साइट्स और वरिष्ठ सदस्यों को निशाना बनाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि हिज़्बुल्लाह ऐसी लड़ाई में प्रवेश कर रहा है जिसे वह जीत नहीं सकता।
सेना के अनुसार, इजराइली विमान तेहरान सहित ईरान के विभिन्न ठिकानों पर भी कार्रवाई कर रहे हैं। यह घटनाक्रम उस व्यापक संघर्ष की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिसमें हालिया संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमलों और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दहियाह क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत और 149 लोग घायल हुए हैं। हालांकि इन आंकड़ों में नागरिकों और लड़ाकों के बीच कोई स्पष्ट भेद नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। ऐसे में बढ़ती सैन्य कार्रवाई के बीच नागरिकों की सुरक्षा, मानवीय संकट और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।