नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम की घर वापसी में भी परेशानी आ रही है। टीम 2026 ICC T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने भारत आई थी, लेकिन टूर्नामेंट के सुपर-एट से बाहर होने के बाद भी वे अपने देश लौट नहीं पा रहे हैं।
वेस्ट एशिया में तनाव और एयर ट्रैफिक प्रभावित
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर मिसाइल हमला किया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता मारे गए। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल हमले किए।
इस संघर्ष के कारण वेस्ट एशिया के हवाई मार्गों में भारी व्यवधान आया है। दुबई जैसे बड़े ट्रांजिट हब प्रभावित हुए हैं, जिससे जिम्बाब्वे टीम की वापसी रुक गई है।
दिल्ली में रुकी टीम
जिम्बाब्वे टीम का आखिरी मैच रविवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला गया था, जिसमें टीम को हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद टीम अपनी वापसी की तैयारी कर रही थी।
टीम को एमिरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट से दुबई होते हुए हरारे लौटना था। कुछ सदस्यों की फ्लाइट सुबह 4:30 बजे थी, जबकि बाकी बाद में जाने वाले थे। लेकिन वेस्ट एशिया में बढ़ते युद्ध की वजह से कई उड़ानें कैंसिल या रीशेड्यूल हो गईं।
इस वजह से जिम्बाब्वे टीम फिलहाल दिल्ली में रुकी हुई है। ICC ने उन्हें 4 मार्च तक होटल में रुकने का इंतजाम किया है।
ICC की सुरक्षा और ट्रैवल योजना
ICC ने स्थिति पर लगातार नजर रखी है और भविष्य की योजना तैयार कर रहा है। टूर्नामेंट आयोजक टीमों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए वैकल्पिक एयरलाइन और मार्गों पर विचार कर रहे हैं। इसमें यूरोप, साउथ या साउथईस्ट एशियाई हब शामिल हो सकते हैं।
ICC ने फंसी टीमों के लिए ट्रैवल सपोर्ट डेस्क भी बनाया है और सुरक्षा सलाहकारों के साथ मिलकर रियल-टाइम अपडेट जुटा रहे हैं। जिम्बाब्वे टीम के लिए फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षित आवागमन है। युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग अस्थिर हैं। ICC हर कदम पर सुरक्षा और योजना पर काम कर रहा है।