नई दिल्ली : 2026 का ICC T20 वर्ल्ड कप अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लगातार चार सप्ताह की रोमांचक जंग, चौंकाने वाले मोड़ और नाटकीय मुकाबलों के बाद टूर्नामेंट में अब सिर्फ तीन मैच बाकी हैं दो सेमीफाइनल और एक फाइनल। अंतिम चार टीमों के नाम तय हो चुके हैं।
खिताब बचाने के मिशन पर उतरी मौजूदा चैंपियन भारत के साथ दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड ये चार मजबूत टीमें अब ट्रॉफी के लिए निर्णायक मुकाबले के लिए तैयार हैं। इस बार से सभी नॉकआउट मैच भारत में खेले जाएंगे जिससे घरेलू मैदान पर रोमांच और भी बढ़ जाएगा।
पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने होंगे दोनों टीमों का लक्ष्य फाइनल का टिकट पक्का करना है। दूसरे सेमीफाइनल में हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत और इंग्लैंड भिड़ेंगे। इन दोनों मैचों के विजेता फाइनल में आमने-सामने होंगे जहां 2026 के विश्व चैंपियन का फैसला होगा।
सेमीफाइनल में ICC के विशेष नियम
सेमीफाइनल के दोनों मैचों के लिए रिजर्व डे रखा गया है। मौसम को ध्यान में रखते हुए ICC ने यह फैसला लिया है। हालांकि कोशिश रहेगी कि मैच निर्धारित दिन पर ही समाप्त हो जाए। जरूरत पड़ने पर ओवर कम करके भी मैच पूरा कराया जा सकता है।
मैच समाप्त करने के लिए ICC ने अतिरिक्त समय भी निर्धारित किया है ताकि रिजर्व डे का कम से कम उपयोग करना पड़े। निर्धारित दिन 90 मिनट और रिजर्व डे पर 120 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा लेकिन परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 10-10 ओवर बल्लेबाजी करनी होगी। यदि मैच रिजर्व डे तक जाता है तो खेल वहीं से शुरू होगा जहां पिछले दिन रुका था।
मैच का समय
दोनों सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होंगे लेकिन यदि मैच रिजर्व डे पर जाता है तो समय बदल जाएगा। उस स्थिति में खेल दोपहर 3 बजे से शुरू होगा।
रिजर्व डे पर मैच कैसे शुरू होगा?
यदि मैच रिजर्व डे पर जाता है तो दो परिस्थितियां हो सकती हैं-
पहली परिस्थिति:
यदि निर्धारित दिन मैच शुरू हो चुका हो, तो रिजर्व डे पर खेल ठीक वहीं से दोबारा शुरू होगा। अगर उस दिन ओवर कम कर दिए गए हों, तो रिजर्व डे पर भी वही कम ओवर लागू रहेंगे।
दूसरी परिस्थिति:
यदि निर्धारित दिन खेल शुरू ही न हो पाए, या कम ओवर का मैच भी शुरू न किया जा सके, तो रिजर्व डे पर पूरा 20-20 ओवर का मैच कराया जाएगा और यदि रिजर्व डे का उपयोग करने के बाद भी मैच का परिणाम नहीं निकल पाता, तो ग्रुप चरण की स्थिति के आधार पर अगले चरण में पहुंचने वाली टीम का फैसला किया जाएगा।