कोलकाताः वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ जीत दिलाने के बाद संजू सैमसन ने जैसे ही विजयी चौका लगाया, उन्होंने हेलमेट उतारकर घुटनों पर बैठते हुए आसमान की ओर देखा, मानो ईश्वर को धन्यवाद दे रहे हों। इडेन गार्डन्स की रोशनी में इस रात सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा था-संजू। लंबे समय से हो रही आलोचनाओं और सवालों का जवाब उन्होंने विश्वकप के सबसे अहम मंच पर दिया।
रविवार को इडेन में मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा था। सुपर-8 के इस मैच में हार का मतलब था टूर्नामेंट से बाहर होना। ऐसे दबाव भरे मैच में संजू टीम के नायक बनकर उभरे और भारत को सेमीफाइनल की दहलीज तक पहुंचाया।
विश्वकप की शुरुआत में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। लेकिन अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की लगातार नाकामी के बाद उन्हें मौका मिला। और उसी मौके को उन्होंने 2026 के आईसीसी पुरुष टी20 विश्वकप में भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाकर यादगार बना दिया।
50 गेंदों में 97 रन की तूफानी पारी
196 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। अभिषेक 11 गेंदों में 10 रन, ईशान 6 गेंदों में 10 रन और सूर्यकुमार यादव 16 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हो गए। दबाव बढ़ता जा रहा था।
ऐसे समय में संजू ने कमान संभाली और 50 गेंदों में नाबाद 97 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। स्ट्राइक रेट 194.00 रहा। हर शॉट के साथ उन्होंने साबित किया कि उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
तिलक वर्मा ने 15 गेंदों में 27 रन बनाकर अहम साथ दिया। हार्दिक पांड्या ने 14 गेंदों में 17 रन जोड़े। आखिर में शिवम दुबे ने 4 गेंदों में नाबाद 8 रन बनाकर जीत आसान कर दी। भारत ने 19.2 ओवर में 5 विकेट खोकर 199 रन बना लिए और 4 गेंद बाकी रहते मैच जीत लिया।
वेस्ट इंडीज़ की ओर से जेसन होल्डर और शमार जोसेफ ने 2-2 विकेट लिए, जबकि अकील हुसैन को 1 विकेट मिला।
वेस्ट इंडीज़ की दमदार बल्लेबाज़ी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए वेस्ट इंडीज़ ने मजबूत शुरुआत की। पहले विकेट के लिए 68 रन जोड़े गए। शाई होप ने 33 गेंदों में 32 रन बनाए। रोस्टन चेज़ ने 25 गेंदों में 40 रन बनाकर भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव डाला।
शिमरन हेटमायर ने 12 गेंदों में 28 रन की तेज पारी खेली। रोवमैन पॉवेल ने 19 गेंदों में 34 रन जोड़े। अंत में जेसन होल्डर ने 22 गेंदों में 37 रन की आक्रामक पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। शेरफेन रदरफोर्ड ने 9 गेंदों में 14 रन बनाए।
20 ओवर में वेस्ट इंडीज़ ने 5 विकेट पर 195 रन बनाए। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट लिए, जबकि हार्दिक पांड्या और वरुण चक्रवर्ती को 1-1 विकेट मिला।
जीत के बाद भी भारत की चिंताएं
सेमीफाइनल में पहुंचने के बावजूद टीम इंडिया के सामने कुछ बड़ी चिंताएं हैं-
बल्लेबाज़ी में निरंतरता की कमी: हर मैच में अलग-अलग खिलाड़ी रन बना रहे हैं, लेकिन पूरी बल्लेबाज़ी लाइनअप एक साथ प्रदर्शन नहीं कर पा रही। नॉकआउट मैचों में यह जोखिम भरा हो सकता है।
गेंदबाज़ी में धार की कमी: गेंदबाज़ नियमित अंतराल पर विकेट नहीं ले पा रहे और बीच के ओवरों में ज्यादा रन दे रहे हैं। बड़े मैचों में यह भारी पड़ सकता है।
फील्डिंग की समस्या: आसान कैच छूट रहे हैं। इस मैच में अभिषेक शर्मा ने दो आसान कैच छोड़े। साथ ही खराब फील्डिंग के कारण बार-बार चौके लगे। ऐसी छोटी गलतियां बड़े मैचों में हार की वजह बन सकती हैं।
सेमीफाइनल और संभावित फाइनल से पहले अगर इन कमियों को दूर नहीं किया गया तो टीम को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है क्योंकि बड़े मुकाबलों में छोटी-सी गलती भी परिणाम तय कर देती है।