कोलकाता : 2016 में आंखों में आंसू लेकर मैदान छोड़ना पड़ा था विराट कोहली को। इसी वेस्ट इंडीज के खिलाफ हारकर भारत को टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल से विदा लेना पड़ा था। बेकार हो गई थी कोहली की 89 रन की नाबाद पारी। उसके बाद 10 साल बीत गए। विराट नहीं थे लेकिन मौजूद थे संजू सैमसन। उनकी 97 रन की नाबाद पारी के दम पर ही वेस्ट इंडीज को हराकर भारत टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गया और मैच के बाद चर्चा में आ गया संजू का एक खास सेलिब्रेशन। विनिंग शॉट खेलते ही उन्होंने हेलमेट उतारकर घुटनों के बल जमीन पर बैठ गए। इस सेलिब्रेशन का क्या मतलब है? इस पर मुंह खोला संजू ने।
रविवार को कैरेबियाई टीम के खिलाफ लगभग अकेले दम पर भारत को मैच जिताया संजू सैमसन ने। ओपनिंग करने उतरे और 50 गेंदों में 97 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी इस पारी में 12 चौके और चार छक्के शामिल थे। आखिरी ओवर में रोमारियो शेफर्ड की पहली गेंद पर छक्का लगाया। अगली गेंद पर चौका मारकर करो या मरो मैच में भारत को जीत दिलाई। इसके बाद ही उन्होंने किया खास सेलिब्रेशन।
कौन सा सेलिब्रेशन किया संजू ने?
भारत को जीत दिलाने के बाद संजू घुटनों के बल जमीन पर बैठ गए। एक हाथ से हेलमेट उतारकर लगभग बगल में फेंक दिया। दोनों हाथ फैलाकर आसमान की ओर देखा। इसके बाद यीशु को धन्यवाद देने की प्रक्रिया पूरी की। अंत में दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार की मुद्रा में भी देखा गया संजू को। तब तक नॉन-स्ट्राइकर छोर से दौड़ते हुए आ चुके थे शिवम दुबे। बाकी खिलाड़ी भी आकर उन्हें गले लगा लेते हैं।
इस सेलिब्रेशन का क्या मतलब है?
मैच के बाद इस खास सेलिब्रेशन को लेकर संजू ने मुंह खोला। हालांकि उन्होंने साफ तौर पर कारण नहीं बताया लेकिन यह जरूर समझाया कि यह सेलिब्रेशन कितनी भावनाओं और निजी स्तर से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत ही खास पल है और मैं कुछ बातों को लेकर बहुत आस्थावान हूं इसलिए इस सेलिब्रेशन का अर्थ सार्वजनिक रूप से बताना नहीं चाहता क्यों यह सेलिब्रेशन किया वह निजी ही रहे।
अब देखने वाली बात होगी कि सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ भी संजू के बल्ले से बड़ी पारी आती है या नहीं।