बता दें कि मैच के दौरान जब 17वां ओवर खत्म होने को था तो कप्तान सूर्या कंफ्यूज थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि 18वां ओवर बुमराह से कराएं या फिर हार्दिक से, सूर्या के पास अक्षर पटेल का भी विकल्प था। जब सूर्या को कुछ समझ नहीं आया तो कप्तान ने डगआउट में बैठे कोच गौतम गंभीर की ओर देखकर यह समझने के लिए इशारा किया कि आखिर 18वां ओवर किस गेंदबाज से कराया जाए। फिर गंभीर ने सूर्या को बुमराह से गेंदबाजी कराने का विकल्प दिया। गंभीर और सूर्या ने इशारे-इशारे में तय कर लिया था कि 18वां ओर कौन करेगा।
इसके बाद हो गया चमत्कार
इसके बाद फिर क्या था, गंभीर की बात सुनकर सूर्या ने 18वां ओवर बुमराह की दी, बुमराह ने चमत्कार किया और केवल 6 रन दिए। इसके बाद 19वां ओवर हार्दिक पंड्या ने की, पंड्या ने भी कोच और कप्तान की उम्मीद को बनाए रखा और केवल 9 रन खर्च किए। जिसके बाद इंग्लैंड के लिए आखिरी ओवर में 30 रन बनाना मुश्किल था। शिवम दूबे ने आखिरी ओवर की गेंदबाजी की और आखिर में भारत 7 रन से मैच जीतने में सफल रहा।
भारत ने सेमीफाइल में इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय टीम की ओर संजू ने 89 रन की पारी खेली, संजू को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब से नवाजा गया।