एक सप्ताह बीत चुका है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के समाप्त होने का कोई संकेत नहीं है। शुक्रवार की सुबह तक ईरान में 2,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लेबनान में 123 लोगों की मृत्यु हुई है। अब तक ईरान के तेहरान, कराज, मिनाब, अहवाज, इस्फ़हान सहित कई शहर प्रभावित हुए हैं।
पश्चिम एशिया के कौन से देश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं ?
कुवैत: कुवैत में अमेरिका के ठिकानों को लक्षित करते हुए ईरान ने कई हमले किए। शुवैबा बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई। कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ड्रोन हमले में यात्री टर्मिनल को नुकसान पहुंचा और कई कर्मचारी हल्का घायल हुए।
बहरीन: बहरीन के एक तेल रिफाइनरी को ईरानी मिसाइल हमले में नुकसान झेलना पड़ा। पहले विस्फोट के बाद आग फैल गई थी, लेकिन बाद में इसे नियंत्रण में ले लिया गया।
संयुक्त अरब अमीरात और कतर: अरब हवाई रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी मिसाइलों और 120 से अधिक ड्रोन हमलों को रोक दिया।
इराक: बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास अमेरिका के एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर हमला किया गया। ईरान के एक ड्रोन को गोली मारकर नीचे गिराया गया।
लेबनान: लेबनान की राजधानी के दक्षिणी तट को निशाना बनाकर बीरुत के आस-पास इजरायल की एयर फोर्स ने हमला किया। कई क्षेत्रों से निवासियों को हटने का निर्देश दिया गया है।
ईरान की स्थिति कैसी है ?
विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय समाचार माध्यमों के अनुसार, पिछले छह दिनों में ईरान ने कुल 600 मिसाइल और 2,200 ड्रोन हमले किए हैं। दूसरी ओर, इज़राइल की सेना ने दावा किया है कि लगभग 2,500 हमले करके ईरानी वायु रक्षा प्रणाली के 80 प्रतिशत को नष्ट कर दिया गया है।
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी की जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल के हमलों में ईरान के 3,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। संगठन ने बताया कि हमलों में देश भर में 3,643 नागरिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसमें 3,090 आवासीय घर, 528 व्यावसायिक और सेवा केंद्र, 14 चिकित्सा या दवा केंद्र और 9 रेड क्रिसेंट भवन शामिल हैं।
इज़राइल की स्थिति कैसी है ?
विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय समाचार माध्यमों की खबरों के अनुसार, इज़राइल में अब तक 12 नागरिकों की मौत हो चुकी है। 1470 लोग घायल हुए हैं। अब तक 11 लोग लापता हैं। लगभग 2,800 लोग बेघर हो गए हैं। तेल अवीव में अब तक 40 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा जेरूसलम, बेनी ब्रक, हैफा, रामत गान सहित कई शहर क्षतिग्रस्त हुए हैं। संघर्ष की शुरुआत में बैत शेमेश में ईरानी क्षेपास्त्र हमले के कारण नौ लोगों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए।