तेहरानः ईरान और इज़राइल के बीच जारी युद्ध के बीच कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा की घटनाओं में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक प्रमुख इज़राइली मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि युद्ध की स्थिति का फायदा उठाकर कुछ इज़राइली बस्तिवासी फिलिस्तीनी समुदायों को निशाना बना रहे हैं।
मानवाधिकार संगठन येश दीन के अनुसार शनिवार से मंगलवार के बीच वेस्ट बैंक के 37 फिलिस्तीनी इलाकों में बस्तिवासियों द्वारा हिंसा की 50 घटनाएं दर्ज की गईं। इन घटनाओं में गोलीबारी, मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मामले शामिल हैं।
संगठन का कहना है कि युद्ध की आड़ में फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। इसी दौरान वेस्ट बैंक के कार्यौत गांव में इज़राइली बस्तिवासियों की गोलीबारी में दो फिलिस्तीनी भाइयों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। बताया गया कि सुरक्षा कारणों से लगाए गए इज़राइली नाकों और बंद गेटों की वजह से एंबुलेंस समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी।
लेबनान को दी कड़ी चेतावनी
इसी बीच इज़राइल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने लेबनान के दक्षिणी उपनगरों को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जहां हिज़्बुल्लाह का प्रभाव है, वहां की स्थिति गाजा के शहर खान यूनिस जैसी हो सकती है, जिसे इजराइल ने युद्ध के दौरान भारी तबाही का सामना कराया था।
इज़राइली सेना ने भी दक्षिणी बेरूत के कुछ इलाकों के लोगों से तुरंत अपने घर खाली करने की अपील की है, जिससे वहां बड़े हमले की आशंका जताई जा रही है।
उड़ानों की सीमित बहाली
इस बीच क्षेत्र में कुछ हवाई मार्ग फिर से खुलने के बाद एमिरेट्स एयरलाइंस ने दुबई से आने-जाने वाली कुछ सीमित उड़ान सेवाएं बहाल करने की घोषणा की है।
दूसरी ओर बेन गुरियन एयरपोर्ट भी चरणबद्ध तरीके से दोबारा खुल रहा है। इज़राइली एयरलाइन El Al (एल अल) ने विदेश में फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था शुरू की है।
तेहरान में लगातार बमबारी
युद्ध के छठे दिन तेहरान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शहर में पुलिस स्टेशन और एक जिम समेत कई जगहों पर बमबारी की घटनाएं हुई हैं। लोग आवश्यक सामान के लिए किराना दुकानों, दवा दुकानों और पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं। हालांकि तेहरान के गवर्नर मोहम्मद-सादेग मोतामेदियन ने लोगों से घबराकर सामान जमा न करने की अपील की है।
सुरक्षा के मद्देनजर कई मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी बम शेल्टर के रूप में तैयार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य ढांचे को नुकसान
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपूर के अनुसार अमेरिकी और इज़राइली हमलों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इन हमलों में चार स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो गई, जिनमें एक ऑर्थोपेडिक रेजिडेंट, एक रेडियोलॉजी तकनीशियन, एक सामान्य चिकित्सक और एक आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन शामिल हैं। इसके अलावा 11 अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा है।
उत्तरी इजराइल की अर्थव्यवस्था पर असर
लगातार संघर्ष और बार-बार खाली कराए जाने के कारण उत्तरी इज़राइल के कई शहरों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। किर्यात शमोना जैसे शहरों में कई व्यवसाय बंद हो चुके हैं और पर्यटन उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बीच लेबनान में संघर्ष के कारण कम से कम 77 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान-इजराइल युद्ध के चलते पूरे पश्चिम एशिया में तनाव का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और इसके मानवीय तथा आर्थिक प्रभाव भी गहराते जा रहे हैं।