ईरान में कई ठिकानों को निशाना बनाने में इजरायल की ब्लू स्पैरो मिसाइल ने अहम भूमिका निभाई है। इसी मिसाइल से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या हुई थी। बताया जाता है कि लगभग 1,240 मील की मारक क्षमता वाली यह मिसाइल अपने टारगेट को हिट करने से पहले पृथ्वी के वायुमंडल को पार कर जाती है और फिर पलटकर टारगेट को तबाह कर देती है।
कई रिपोर्टों के अनुसार, ये शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल अंतरिक्ष की सीमा तक यात्रा करने के बाद पृथ्वी पर वापस आ गिरी और शनिवार, 28 फरवरी को उस स्थान पर जा गिरी, जहां खामेनेई और कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारी मौजूद थे।
स्पैरो मिसाइलों के परिवार में सिर्फ ब्लू ही नहीं है, बल्कि ब्लैक और सिल्वर स्पैरो मिसाइलें भी शामिल हैं। 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान इराक ने इजरायल पर जो मिसाइलें दागी थीं, उन्हीं को ध्यान में रखकर इन मिसाइलों को विकसित किया गया था।
ब्लू स्पैरो
ब्लू स्पैरो, राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स द्वारा विकसित एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक टारगेट मिसाइलों के परिवार का हिस्सा है। इसे इजरायल के एरो मिसाइल-रक्षा कार्यक्रम के लिए विभिन्न प्रकार के बैलिस्टिक खतरों का सामना करने के लिए बनाया गया है। ब्लू स्पैरो लगभग 6.5 मीटर लंबी है और लॉन्च से पहले इसका वजन लगभग 1,900 किलोग्राम है। यह सिंगल स्टेज ठोस-ईंधन बूस्टर द्वारा संचालित होती है।