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'बांग्लादेशी-रोहिंग्याओं' की सूची लेकर आएं ज्ञानेश कुमार - अभिषेक बनर्जी, दिया 'Boycott BJP' का नारा

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में जो आते हैं, उससे ही पदत्याग करवाया जा रहा है।

वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को 'बंगाल विरोधी' करार देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने 'No Vote To BJP' अभियान की शुरुआत की थी। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस उससे एक कदम आगे बढ़ गयी। इस बार विधानसभा चुनाव (2026) से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने 'Boycott BJP' का आह्वान किया है।

राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही चुनाव आयोग और भाजपा को तृणमूल ने एक ही तराजू पर तोला है। SIR की प्रक्रिया में 60 लाख से अधिक लोगों को 'Under Adjudication' रखने के विरोध में शनिवार से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धरना की शुरुआत की है।

धरना मंच से ही अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने SIR के बाद कितने 'बांग्लादेशी' और कितने 'रोहिंग्याओं' को चिह्नित किया गया है, इस बाबत आंकड़ों को जारी करने की मांग की है।

शुरुआत से ही भाजपा का दावा रहा है कि मतदाता सूची से मुख्य रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को बाहर निकालने के लिए ही SIR किया जा रहा है। प्रदेश भाजपा के कुछ नेताओं ने मतदाता सूची से कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं का नाम हटेगा, इस बाबत कथित तौर पर आंकड़ा भी जारी किया था।

लगभग 2 महीनों तक SIR की प्रक्रिया चलने के बाद 28 फरवरी को चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची (पहला चरण) जारी किया। विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेने के लिए 9 मार्च को राज्य में चुनाव आयोग की फुल बेंच भी आ रही है।

उससे ठीक दो दिन पहले धरना मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जितने लोगों का नाम हटाया गया है, उनमें से कितने बांग्लादेशी और रोहिंग्या को आपने हटाया है, वह सूची कौन देगा? आप (ज्ञानेश कुमार) जब राज्य में आ रहे हैं, तब वह सूची भी लेते आएं।

SIR की प्रक्रिया के बीच में ही गुरुवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने पदत्याग किया है। इसे लेकर राजनैतिक स्तर पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इस मामले में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल में जो आते हैं, उससे ही पदत्याग करवाया जा रहा है। एक जगदीप धनखड़, एक बार सीवी आनंद बोस और अगले वाले भी पदत्याग ही करेंगे। सिर्फ इंतजार करें। 2026 के मई के बाद।

हालांकि तृणमूल के इस धरना कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने कटाक्ष किया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री धरने पर बैठ ही सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि घुसपैठिए और रोहिंग्याओं का नाम मतदाता सूची में रहे। लेकिन हम भी एसआईआर के बिना चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। चुनाव आयोग सटीक कदम के माध्यम से पारदर्शी वोटर सूची तैयारी करेगी।

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