इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के प्रसिद्ध बगराम एयरबेस को निशाना बनाया। यह कार्रवाई अफगान तालिबान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से आतंकवादी हमले रोके नहीं जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान ने 26 फरवरी की रात “ऑपरेशन गज़ब लिल हक” (धर्मसंगत क्रोध) नाम से सैन्य अभियान शुरू किया था। यह कदम उस समय उठाया गया जब पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगान तालिबान से जुड़े लोगों ने 2600 किलोमीटर लंबी सीमा पर 53 स्थानों पर हमले किए थे।
सरकारी टीवी चैनल पीटीवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने बगराम एयरबेस पर बड़ा हमला किया है। चैनल के अनुसार यह अफगान तालिबान की कथित आक्रामकता का जवाब था। पाकिस्तान की सेना जमीन और हवा दोनों से अभियान चला रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से बताया गया कि इस हमले में बगराम एयरबेस का एक विमान हैंगर और दो गोदाम नष्ट हो गए। उपग्रह तस्वीरों में भी नुकसान दिखाई देने की बात कही गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी पाकिस्तानी हवाई हमले की पुष्टि की है। बताया गया है कि पिछले एक सप्ताह में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सैन्य ठिकानों पर 50 से अधिक हवाई हमले किए हैं।
रक्षा विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया कि बगराम एयरबेस को निशाना बनाकर पाकिस्तान ने तालिबान सरकार को संदेश दिया है कि वह अफगानिस्तान के किसी भी हिस्से में कार्रवाई करने की क्षमता रखता है।
पीटीवी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की बार-बार चेतावनी के बावजूद अफगानिस्तान से आतंकवाद जारी है और इसमें अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियारों का भी इस्तेमाल हो रहा है।
वहीं, सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि 3 और 4 मार्च की रात पाकिस्तान की सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान सीमा के पास अफगान तालिबान की रक्षा चौकियों और ठिकानों पर भी हमले किए। इन ठिकानों का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों और उनके समर्थकों द्वारा किया जा रहा था।
इन अभियानों में एंटी-टैंक मिसाइल, रॉकेट लॉन्चर, लंबी दूरी के मोर्टार, हल्की और भारी तोपें तथा मुख्य युद्धक टैंक जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही समन्वित कार्रवाई के लिए स्वॉर्म ड्रोन भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं।