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दोल पर चढ़ा राजनीति का रंग, विधानसभा चुनाव से पहले जनसंपर्क बढ़ाने में जुटे सभी पार्टी के नेता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट के माध्यम से राज्यवासियों को रंगों के इस त्योहार की शुभकामनाएं दी।

By Sayani Jowardar, Posted By : Moumita Bhattacharya

Mar 03, 2026 19:44 IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आखिरी होली (दोल) यानी जनसंपर्क बनाने का बेहतरीन मौका। इस मौके को भला कोई कैसे हाथों से गंवा सकता है। इसलिए पश्चिम बंगाल में इस साल रंगों का त्योहार कुछ ज्यादा ही रंगीन हो गया है। होली के उत्सव में विभिन्न पार्टियों के नेताओं के शामिल होने से त्योहार पर राजनीति का पक्का रंग भी चढ़ गया है। भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी ने कीर्तन कर हिंदुत्व का संदेश दिया तो सुजीत बोस और शोभनदेव चट्टोपाध्याय भी रंगों से सराबोर हुए।

दोल पूर्णिमा की सुबह में ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपने X पोस्ट के माध्यम से राज्यवासियों को रंगों के इस त्योहार की शुभकामनाएं दी। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि शांति की होली और दोल लोगों में पवित्र सौहार्द और आपसी भाईचारा लाए।

वहीं तृणमूल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि रंग जब किसी को स्पर्श करता है तब किसी का नाम, जाति या भाषा नहीं पूछता है। सबको समान रूप से अपना बना लेता है। दोलयात्रा और होली सभी को याद दिलाता है कि एकता में सबसे बड़ी ताकत है। सौहार्द की रक्षा करना सबका कर्तव्य है।

चुनाव से ठीक पहले भवानीपुर में जनसंपर्क बढ़ाने के लिए विधानसभा में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे। मुख्यमंत्री के विधानसभा केंद्र में उनका जाना चर्चा में भी छाया हुआ है। मंगलवार की सुबह उन्हें भवानीपुर में देखा गया। नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी ने शोभायात्रा में भी हिस्सा लिया। वहां से उन्होंने कहा कि नास्तिकता का पतन हो, सेक्यूलरिज्म का पतन हो। हिंदू जागरण हो। इसके बाद उन्होंने कीर्तन भी गाया। गुलाल के साथ-साथ उन्होंने गेरुआ झंडा भी फहराया।

रासबिहारी इलाके में जनसंपर्क बढ़ाने के लिए मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय पहुंचे। गले में गेंदे के फूलों की माला और गाल पर गुलाल लगाकर वह बालीगंज की गलियों में घूमते दिखे। गौर करने वाली बात रही कि बालीगंज के विधायक बाबुल सुप्रीयो को राज्यसभा सांसद पद के लिए तृणमूल ने उम्मीदवार घोषित किया है। ऐसे में यह सुगबुगाहट भी अब तेज हो गयी है कि क्या शोभनदेव चट्टोपाध्याय को खड़दह से दक्षिण कोलकाता में वापस लाया जाएगा? क्या वह बालीगंज से विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बन सकते हैं?

हालांकि इस बारे में शोभनदेव चट्टोपाध्याय का कहना है कि पार्टी मुझे जहां भेजती है मैं वहीं जाता हूं। रासबिहारी, अलीपुर, भवानीपुर, खड़दह सभी जगहों पर मैं हूं। जब तक ममता बनर्जी घोषणा नहीं कर रही हैं, तब तक मैं खुद को उम्मीदवार नहीं कहूंगा। यहीं मेरी लाइफ का डिसीप्लिन है।

ममता (बनर्जी) ने कहा है कि बालीगंज केंद्र पर थोड़ा ध्यान दें, इसलिए मैं ध्यान दे रहा हूं। लेकटाउन श्रीभूमि इलाके में लाल रंग के कुर्ते में राज्य के मंत्री सुजीत बोस पहुंचे। हालांकि इसे उन्होंने चुनाव से पहले का जनसंपर्क मानने से इनकार किया। उनका कहना है कि चुनाव अपनी तरह से होगा। उसे लेकर मैं नहीं सोचता हूं। पूरे साल अगर लोगों के साथ खड़ा रहा तो चुनाव से पहले सोचने की जरूरत नहीं होती है।

सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती इस साल की दोल में पड़ोसी और परिवार के साथ रंग खेला। राज्य के निवासियों को शुभकामनाएं दी। संतोष मित्रा स्क्वायर में सजल घोष ने कहा कि आज राजनीति से ऊपर उठकर सभी से मिलने का दिन है।

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