पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से वाणिज्यिक गैस की कीमतें काफी तेजी से बढ़ गयी हैं। इसके साथ ही आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। अधिक कीमत चुकाने के बावजूद समय पर एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) उपलब्ध नहीं हो रहा है। इस वजह से खासतौर पर फास्टफुड कारोबारी समस्या में घिर गए हैं। शाम होते ही एगरोल से लेकर चाउनमीन, बिरयानी आदि की दुकानें सजने लगती हैं। छोटे ठेले से लेकर बड़े रेस्तरां तक ईंधन के अभाव से जुझ रहे हैं।
कई रेस्तरां व होटलों में घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल वाणिज्यिक कार्यों में करने का आरोप भी सामने आ रहा है। रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ-साथ सिलेंडर की उपलब्धता कम होने और गैस की बढ़ी कीमतों के बीच होटल-रेस्तरां मालिक अब खाने-पीने के सामानों की कीमतों में वृद्धि करने के बारे में सोच रहे हैं। हालांकि इसके साथ एक डर यह भी है कि अगर खाद्य सामग्रियों की कीमतें बढ़ा दी गयी तो इसका असर बिक्री पर भी पड़ेगा।
कोलकाता व हावड़ा में होटल व रेस्तरां व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि इस समस्या का इतनी जल्द समाधान नहीं होने वाला है। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के कोलकाता के प्रभारी पियुष कांकरिया ने PTI को बताया कि कोलकाता में करीब 5000 रेस्तरां हैं।
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उन्होंने कहा कि करीब 40 प्रतिशत रेस्तरां ऐसे हैं, जिन्होंने बताया कि इस समस्या की वजह से तुरंत परेशानी पैदा हो रही है। वहीं करीब 30 से 40 प्रतिशत वे सीमित स्टॉक के साथ अगले कुछ दिनों तक रेस्तरां का संचालन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार से वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प पड़ जाने की वजह से समस्या और भी जटिल हो गयी है। मंगलवार को वाणिज्यिक रसोई गैस की आपूर्ति बिल्कुल नहीं हुई। हमारा केंद्रीय ऑफिस सरकारी हस्तक्षेप से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी ओर सरकार ने देश में प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत रसोई गैस और परिवहन क्षेत्रों की जरूरतों को सबसे पहले पूरा किया जाएगा, ताकि अन्य क्षेत्रों को आपूर्ति करने से पहले इन क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
NRAI केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिख चुकी है जिसमें रेस्तरांओं में वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति को तत्काल सुनिश्चित करने का आवेदन किया गया है। इस पत्र में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि भारत में लगभग 5 लाख रेस्तरां मौजूद हैं, जिसमें 8 मिलियन से अधिक लोग काम करते हैं। इन रेस्तरां की वजह से लगभग 5.7 लाख करोड़ की आय होती है। यह पूरा औद्योगिक क्षेत्र प्रतिदिन LPG पर ही निर्भर करता है।
पूर्वी भारत में होटल व रेस्तरां एसोसिएशन के सचिव सुदेश पोद्दार का कहना है कि हम इस समय सिर्फ वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं उनकी कीमतों को लेकर नहीं। रेस्तरां को प्रतिदिन बिना किसी रुकावट के इन सिलेंडरों की जरूरत होती है।