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क्या वोटर लिस्ट से नाम हटने पर भविष्य में बंद हो जाएंगा बैंक अकाउंट? अभिषेक बनर्जी ने 'बड़े षड्यंत्र' का किया इशारा

अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर किया तीखा वार।

अगर मतदाता सूची से नाम हटा तो भविष्य में बैंक अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। सोमवार को कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में तृणमूल कांग्रेस के धरना मंच से अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने कोई 'बड़ा षड्यंत्र' रचे जाने का इशारा करते हुए उक्त बात कही।

वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग के फुलबेंच की बैठक में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने धरना मंच से अपनी नाराजगी जाहिर की।

'बड़ा षड्यंत्र' रचे जाने की संभावना

धरना मंच से अपना वक्तव्य रखते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि दिल्ली से एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें फोन किया था। उक्त अधिकारी ने ही केंद्र सरकार का 'बड़ा षड्यंत्र' होने का दावा किया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि गरीबों के अकाउंट में जो रुपया है, उसे भाजपा नेता हजम कर जाएंगे।

बाद में अगर आपका नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो बैंक अकाउंट खोलते समय केवाईसी (KYC) जमा करने के लिए कहा जाएगा और तब वोटर कार्ड मांगा जाएगा। अगर कोई वोटर कार्ड जमा नहीं कर पाया तो मोदी 'बाबू' उसका अकाउंट फ्रिज करके रुपया अपने नाम पर कर लेंगे। यहीं बड़ा षड्यंत्र है।

60 लाख मतदाताओं को क्यों ‘Under Adjudication’?

अभिषेक बनर्जी ने अंतिम मतदाता सूची में 60 लाख मतदाताओं को क्यों ‘Under Adjudication’ रखा गया है, इसे लेकर भी आरोप लगाया। उनका दावा है कि 60 लाख में से करीब 80 प्रतिशत मतदाता की 'मैपिंग' थी यानी साल 2002 के मतदाता सूची में परिवार के किसी न किसी सदस्य का नाम था। इसके बावजूद 60 लाख मतदाताओं का नाम ‘Under Adjudication’ क्यों रखा गया है? साथ ही अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।

ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

राज्य में चुनाव आयोग की फुलबेंच मौजूद है। चुनाव आयोग ने प्रशासनिक बैठक के दौरान राज्य में चुनाव के समय कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक के दौरान कई प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को लेकर ज्ञानेश कुमार ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि मई के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यों पर नजर रखी जाएगी। इस बात को लेकर ममता बनर्जी ने अपनी घोर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों को डरा रहे हैं, वे मुर्खों के स्वर्ग में रहते हैं। यहां के लोग अपना सिर नहीं झुकाएंगे। वोटर 2 महीने बाद भी जबरदस्ती करेंगे। हमारे अधिकारी टैक्टफुली उसे हैंडल कर लेंगे।

कितने चरणों में चुनाव करवाने की मांग?

साल 2021 में 8 चरणों में चुनाव करवाए गए थे। इस बार सर्वदलीय बैठक के दौरान सभी विपक्षी पार्टियों ने एक या दो चरणों में चुनाव करवाने का अनुरोध किया है। इस मामले में अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर से तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि जितने चरणों में ही चुनाव करवाए सब रफा-दफा हो जाएगा। पिछली बार के चुनाव में भी लोकतांत्रिक तरीके से हराया था, इस बार भले ही कितने भी चरणों में चुनाव करवा लें, लोकतांत्रिक तरीके से जनता जवाब देगी।

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