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कोलकाता में स्त्री साहित्य उत्सव, कविता और लोक गीतों से सजा सांस्कृतिक मंच

भारतीय भाषा परिषद में स्त्री साहित्य उत्सव का आयोजन, कवियों और कलाकारों ने बिखेरा रंग।

By रजनीश प्रसाद

Mar 08, 2026 18:43 IST

कोलकाता : शहर की प्रतिष्ठित संस्था सांस्कृतिक पुनर्निर्माण मिशन और भारतीय भाषा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में स्त्री साहित्य उत्सव और प्रीति मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर काव्य पाठ, लोक गीत और काव्य नृत्य की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत काव्य पाठ से हुई। इस दौरान निर्मला तोदी, शिप्रा मिश्रा, सिपाली गुप्ता, नमिता जैन, श्रद्धा टिबरेवाल, वी अरुणा, वीणा रजक, रीमा मजूमदार, संजना जायसवाल, अपराजिता वाल्मीकि, सुकन्या तिवारी, सुष्मिता चौधरी, नेहा राय, निकिता पांडेय, आशा राय और निधि सिंह ने अपनी रचनाएं सुनाईं। इनके साथ ही राज्यवर्द्धन, अजय पोद्दार, सुशील पांडेय, संजय यादव, पंकज सिंह, प्रमोद महतो, प्रभात पांडेय, आशुतोष राउत और फरहान अजीज ने भी कविता पाठ किया।

कार्यक्रम में लोक संगीत की भी खास प्रस्तुति हुई। रमाशंकर सिंह, उर्वशी श्रीवास्तव, सूर्य देव रॉय और अरिस्ता प्रकाश ने अपने लोक गीतों से माहौल को संगीतमय बना दिया।

भारतीय भाषा परिषद के निदेशक डॉ. शंभुनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज महिलाओं की उपस्थिति शिक्षा, रोजगार, राजनीति और व्यापार में पहले से कहीं ज्यादा बढ़ी है। इसके बावजूद समाज में पूरी समानता अभी भी एक चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आज भी युद्ध या दंगे जैसे फैसलों में महिलाओं से राय नहीं ली जाती।

मिशन के संरक्षक रामनिवास द्विवेदी ने कहा कि महिला दिवस का अवसर महिलाओं के लिए नई प्रेरणा लेकर आता है। उन्होंने कहा कि हिंदी मेला और ऐसे कार्यक्रम युवाओं और विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

मिशन के महासचिव डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि स्त्री विमर्श केवल एक दिन का विषय नहीं है। यह सदियों के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्त्री साहित्य महिलाओं की पहचान, अधिकार, स्वीकार्यता और उनकी संवेदनाओं को सामने लाने का माध्यम है।

कार्यक्रम का संचालन सुषमा कुमारी, अदिति दुबे और कंचन भगत ने किया। धन्यवाद ज्ञापन रामनिवास द्विवेदी ने दिया।

इस अवसर पर श्वेतांक सिंह, मानव जायसवाल, आनंद गुप्ता, प्रभात मिश्रा, पद्माकर व्यास, मंटू दास, आदित्य गिरि, रवि अग्रहरि, भोला साहा, राकेश सिंह, रेखा श्रीवास्तव, डॉ नगेंद्र, सत्यप्रकाश गुप्ता और कार्तिक बासफोर सहित कई साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में फूलचंद राम, राजेश प्रसाद, मुकेश पंडित, चंदन भगत, सत्यम पांडेय, संतोष केवट, अनिल साह, प्रिया गुप्ता और अनुराधा भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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