भारत का सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रहोस अब इंडोनेशिया की सैन्य शक्ति बढ़ाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार इस बात की पुष्टि इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कर दी है। बताया जाता है कि इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की प्रणाली के तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। बताया जाता है कि इस मिसाइल की डील पर भारत और इंडोनेशिया के बीच 2023 से बातचीत चल रही थी।
NBT की मीडिया में इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिरैत के हवाले से कहा गया है कि यह समझौता मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज के आधुनिकीकरण का हिस्सा है। हालांकि इस सौदे की कीमत का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2023 में जब इस डील पर बात हो रही थी तब इस डील की लागत करीब 200 मिलियन से 350 मिलियन डॉलर आंकी गयी थी।
चीन की बढ़ेगी चिंता?
भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल का इंडोनेशियाई सैन्य शक्ति को बढ़ाना दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधि के खिलाफ इंडोनेशिया की एक ढाल के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार इंडोनेशिया और चीन के बीच का मुख्य विवाद दक्षिण चीन सागर में नटुना द्वीप समूह के आसपास के जलक्षेत्र को लेकर है।
दावा किया जाता है कि चीन अपनी गैर-कानूनी नाइन-डैश लाइन के तहत इस क्षेत्र पर अपना दावा करता है जबकि इंडोनेशिया इसे अपना विशेष आर्थिक क्षेत्र मानता है। दोनों देशों के बीच इस जगह पर मछली पकड़ने से लेकर तेल, गैस आदि को लेकर हमेशा तनाव की स्थिति बनी रहती है।
गौरतलब है कि भारत और रुस ने संयुक्त रूप से ब्रहोस मिसाइल को विकसित किया है। पिछले साल बतौर पहले विदेशी ग्राहक के तौर पर फिलिपिंस को इसकी डिलीवरी मिली थी। यह मिसाइल ध्वनि की गति से 3 गुना तेज गति से उड़ सकती है। इसलिए इसे दुनिया का सबसे तेज क्रूज मिसाइल कहा जाता है।
वर्तमान संस्करण में ब्रह्मोस की मारक क्षमता 300 से 400 किलोमीटर के बीच की है जिसे भविष्य में 800 किलोमीटर तक बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। इंडोनेशिया को जो ब्रह्मोस मिसाइल बेची जा रही हैं उनकी रेंज 290 किलोमीटर होगी।