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सूरज गायब, तेहरान में काले बादलों से ‘ज़हरीली’ तेल जैसी बारिश! क्या इज़रायल के हमले के बाद प्रलय जैसा हाल?

रेड क्रिसेंट ने एसिड बारिश को लेकर चेतावनी जारी की।

तेहरानः रविवार की सुबह। घड़ी बता रही थी कि दिन निकल चुका है लेकिन युद्ध से प्रभावित ईरान की राजधानी तेहरान का आसमान पूरी तरह काले और घने बादलों से ढका हुआ था। बादल इतने घने थे कि सूरज की रोशनी तक जमीन तक नहीं पहुँच पा रही थी, मानो किसी ने पूरे शहर के ऊपर छाता तान दिया हो। चारों ओर जले हुए तेल की तेज गंध फैली हुई थी। तभी अचानक उन काले बादलों से बारिश शुरू हुई। लेकिन यह साधारण बारिश नहीं थी-आसमान से चिपचिपा काला तेल जैसा पदार्थ गिरने लगा।

घबराए हुए लोग खुद को बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। शनिवार रात तेहरान पर इज़रायल के भीषण हवाई हमले के बाद रविवार को शहर ने एक डरावना और नरक जैसा दृश्य देखा। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे एपोकैलिप्टिक यानी प्रलय जैसा बता रहे हैं।

राजधानी पर छाया अंधेरा, सुबह 10 बजे भी जली गाड़ियों की हेडलाइट

समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक शनिवार रात इज़रायली मिसाइलों ने तेहरान और अल्बुर्ज प्रांत के कई तेल रिफाइनरी और तेल भंडार केंद्रों को निशाना बनाया। इससे उठी आग की लपटों और काले धुएँ ने रात के आसमान को पूरी तरह ढक लिया।

AFP की रिपोर्ट के अनुसार असली परेशानी रविवार सुबह शुरू हुई। घने धुएँ की परत के कारण सूरज पूरी तरह छिप गया। कई लोग तो यह सोचने लगे कि शायद उनकी घड़ियाँ खराब हो गई हैं। AFP ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे भी तेहरान की व्यस्त वलियासर स्ट्रीट पर गाड़ियाँ हेडलाइट जलाकर चल रही थीं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी विशेष मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनकर स्थिति संभालने की कोशिश करते दिखाई दिए।

आसमान से हुई ‘ज़हरीली’ तेल जैसी बारिश

सबसे डरावनी स्थिति का विवरण CNN की रिपोर्ट में सामने आया। चैनल के पत्रकार फ्रेडरिक प्लाइटगन ने तेहरान से बताया कि बारिश का पानी काला और तेल जैसा था। कारें, घरों की छतें और सड़कें काले तेल जैसे पदार्थ से ढक गई थीं।

द टाइम्स ऑफ इज़रायल की रिपोर्ट में कहा गया है कि काले धुएँ में मौजूद जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड बारिश के पानी के साथ मिलकर तेहरान में एसिड रेन (अम्लीय वर्षा या तेजाबी बारिश) जैसी स्थिति पैदा कर रहे हैं।

रेड क्रिसेंट की चेतावनी

ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने लोगों को चेतावनी जारी की है कि यह बारिश बेहद खतरनाक हो सकती है। यदि इसकी बूंदें त्वचा पर पड़ें तो जलन या त्वचा जलने जैसी समस्या हो सकती है और सांस के जरिए फेफड़ों को भी गंभीर नुकसान हो सकता है। ईरान के पर्यावरण विभाग ने भी आपात चेतावनी जारी करते हुए लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील की है।

हमले में 4 लोगों की मौत, कई तेल डिपो में आग

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार शनिवार रात हुए इस हमले में तेल रिफाइनरी के कम से कम चार कर्मचारियों की मौत हो गई, जिनमें दो तेल टैंकर चालक भी शामिल थे।

फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार इज़रायल ने तेहरान और अल्बुर्ज में चार तेल भंडारण केंद्रों और एक तेल ट्रांसफर केंद्र को निशाना बनाया।

इज़रायली रक्षा बल (IDF) का कहना है कि इन ईंधन डिपो का इस्तेमाल ईरान की सेना करती थी। द टाइम्स ऑफ इज़रायल के मुताबिक यह संभवतः पहली बार है जब इज़रायल ने ईरान के किसी असैन्य औद्योगिक ढांचे पर सीधे हमला किया है।

ईंधन संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

इन हमलों के बाद तेहरान में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। AFP द्वारा जारी तस्वीरों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें दिखाई दीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने ईंधन की राशनिंग शुरू करने का फैसला किया है। फिलहाल हर वाहन को अस्थायी रूप से केवल 20 लीटर ईंधन दिया जाएगा।

दूसरी ओर, द टाइम्स ऑफ इज़रायल के अनुसार इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेल की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। इसके जवाब में ईरान ने रविवार को कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बहरीन के जल शुद्धिकरण संयंत्र पर ड्रोन हमले किए।

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