इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सीमा पर चल रहे सैन्य अभियान में अब तक 583 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं। सीमा पार आतंकवाद के खतरे को खत्म करने तक यह अभियान जारी रहेगा। रविवार को सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने 26 फरवरी को “ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़” नाम से यह अभियान शुरू किया था। यह कार्रवाई तब शुरू की गई जब अफगान तालिबान ने पाकिस्तान की सीमा के पास 53 अलग-अलग स्थानों पर हमला किया था।
तालिबान को भारी नुकसान
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताुल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर बताया कि इस अभियान में अब तक 583 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 795 घायल हुए हैं। पाकिस्तानी सेना ने तालिबान की 242 चौकियों को नष्ट किया है और 38 चौकियों पर पहले कब्जा किया गया और बाद में उन्हें भी नष्ट कर दिया गया।
टैंक, वाहन और कई ठिकाने तबाह
तरार के अनुसार इस अभियान के दौरान तालिबान के 213 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें भी नष्ट कर दी गई हैं। साथ ही अफगानिस्तान के भीतर मौजूद 64 अलग-अलग स्थानों को हवाई हमलों के जरिए निशाना बनाया गया है।
चमन सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम
इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान के बलों ने चमन सीमा क्षेत्र में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के तीन आतंकवादियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। सीमा पर तैनात सैनिकों ने उन्हें रोक लिया। मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी मारा गया, जबकि बाकी दो घायल हो गए लेकिन भागने में सफल रहे।
विस्फोटक और उपकरण बरामद
सुरक्षा बलों ने मारे गए आतंकवादी के पास से चार से पांच देसी विस्फोटक उपकरण (IED) और सीमा की बाड़ काटने वाले उपकरण बरामद किए।
अभियान जारी रहेगा
पाकिस्तान का कहना है कि इस अभियान में अफगान तालिबान को भारी नुकसान हुआ है और सीमा पार आतंकवाद के खतरे को खत्म करने तक यह सैन्य अभियान जारी रहेगा।