ऑफिस आना-जाना हो या शॉपिंग के लिए कहीं जाना, दोस्तों से मिलने जाना हो या किसी काम से बाहर निकलना हो...बाइक टैक्सी ही सबसे पहली पसंद मानी जाती है। पॉकेट फ्रेंडली होने के साथ-साथ जाम और तंग गलियों तक में पहुंचने के लिए कैब के मुकाबले बाइक टैक्सी (Bike Taxi) को ही उपभोक्ता सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।
लेकिन महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी से चलने वाले उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से ओला (Ola), उबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। क्या यह लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हुआ? क्या फिर कभी बाइक टैक्सी की सुविधा नहीं मिलेगी?
NDTV की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद यह घोषणा की है। दरअसल, इन कंपनियों को महाराष्ट्र में सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर ही लाइसेंस दिया गया था।
लेकिन आरोप है कि ये कंपनियां पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी चलाती हैं। इसे सरकार के साथ धोखा माना जा रहा है और सरकारी नियमों का उल्लंघन। नियमों का पालन न करने की वजह से तीनों कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी और अस्थायी लाइसेंस को रद्द कर दिया गया है। इस वजह से महाराष्ट्र में अब ये तीनों कंपनियां बाइक टैक्सी का संचालन नहीं कर सकेंगी।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक को ही अनुमति दी जाएगी। यह फैसला पर्यावरण और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही लिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि सरकार ने सभी कंपनियों से जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए एक महीने का समय दिया था।
जब 1 महीने के दौरान दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो अस्थायी लाइसेंस को रद्द कर दिया गया है। अब इन्हें दस्तावेजों को जमा करने के लिए 1 महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। अगर इस समय के दौरान भी दस्तावेज जमा नहीं किए गए तो उनके लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा।
सरकार के नए फैसले के मुताबिक अगर सड़कों पर पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी पायी गयी तो सिर्फ राइडर ही नहीं बल्कि बाइक के मालिक पर भी केस दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही बाइक को जब्त बी कर लिया जाएगा। संभावना जतायी जा रही है कि सरकार के इस फैसले का बाइक टैक्सी चलाने वाले हजारों राइडरों पर असर पड़ सकता है।