चण्डीगढ़: महिलाओं को नकद आर्थिक सहायता देने की पहल कई राज्यों ने की है और इसका असर वोटबैंक पर भी देखा गया है। पश्चिम बंगाल में भी लक्ष्मी भंडार योजना चल रही है, जिसके माध्यम से राज्य की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिलती है। अब उसी तर्ज पर पंजाब में भी महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की घोषणा आम आदमी पार्टी की सरकार ने बजट में की है।
शनिवार को पंजाब विधानसभा में बजट पेश करते समय वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' की घोषणा की। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं अनुसूचित जाति की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। वर्ष 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने पर महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। उसी वर्ष हुए चुनाव में आप को जीत मिली थी। चार साल बाद इस योजना को शुरू करने पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है।
पंजाब के मुख्यमंत्री 'भगवंत मान' को निशाना बनाते हुए भाजपा से लेकर कांग्रेस के नेताओं ने भी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि अगले वर्ष पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले यह योजना घोषित कर आम आदमी पार्टी चुनावी फायदा उठाना चाहती है।
हालांकि पंजाब के वित्त मंत्री ने विपक्ष के इन कटाक्षों को महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिन महिलाओं के नाम अन्य सामाजिक योजनाओं में दर्ज हैं और जो पहले से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के तहत हर महीने पैसा प्राप्त करेंगी। इसके साथ ही वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत अब प्रत्येक परिवार को इलाज के लिए हर वर्ष 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।