गुवाहाटी: आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए राइजोर दल कांग्रेस का साथ लेना चाहता था लेकिन शुरुआत में ही गठबंधन बनाने की प्रक्रिया टूट गई। इसके लिए राइजोर दल के प्रमुख और शिवसागर के विधायक अखिल गोगोई ने सीधे कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने उनके साथ विश्वासघात किया है।
नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ 2019 में असम में हुए Anti-CAA protests आंदोलन का नेतृत्व अखिल गोगोई ने किया था। वह इस विरोध आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन गए थे और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। बाद में उन्होंने राइजोर दल बनाकर असम विधानसभा चुनाव जेल से ही लड़ा। जेल में रहते हुए ही उन्होंने शिवसागर सीट से जीत हासिल की थी।
इसी वर्ष असम में असम विधानसभा चुनाव होना है। इस चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में बनने वाले गठबंधन में शामिल होने की बात राइजोर दल ने भी कही थी। राइजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई का दावा है कि बीजेपी को हराने के उद्देश्य से वे भी इस मंच में शामिल हुए थे। इसके लिए उनकी पार्टी ने असम में 15 सीटों की मांग की थी लेकिन कांग्रेस इन सीटों को देने के लिए तैयार नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर अखिल गोगोई ने कांग्रेस पर हमला बोला।
उनका कहना है कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उनकी पार्टी एक क्षेत्रीय दल है। फिर भी ऐसा लगता है कि कांग्रेस दोस्ती या गठबंधन में विश्वास नहीं करती। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने केवल 15 सीटों की मांग की थी लेकिन कांग्रेस इसके लिए भी तैयार नहीं है। अखिल गोगोई का यह भी आरोप है कि इस गठबंधन को लेकर गौरव गोगोई बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। इसी कारण 6 मार्च को हुई बैठक में राइजोर दल को नहीं बुलाया गया, जिससे वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन को लेकर हुई बैठक के बारे में उन्हें जानकारी दिए बिना ही कांग्रेस ने विश्वासघात किया। रविवार को काजीरंगा में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में अखिल गोगोई ने यह आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा उनके साथ विश्वासघात करती आई है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस और राइजोर दल के बीच सीट समझौते को लेकर चर्चा शुरू हुई थी लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद होने के कारण दोनों दलों के बीच बातचीत टूट गई। कांग्रेस राइजोर दल को चार से अधिक सीटें देने के लिए तैयार नहीं है।
राइजोर दल का आरोप है कि अन्य गठबंधन सहयोगियों से चर्चा किए बिना ही कांग्रेस ने अकेले उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। इसी कारण असम में बीजेपी विरोधी गठबंधन टूटने की स्थिति में पहुंच गया है। अब किसी दल के साथ सीट साझा की जाएगी या नहीं और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा, इस बारे में राइजोर दल की ओर से अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। अखिल गोगोई के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है।