नई दिल्लीः दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई झड़प में मारे गए 26 वर्षीय युवक के परिजनों ने शनिवार को बताया कि वह डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था और परिवार का सहारा बनना चाहता था। उन्होंने अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
मृतक की पहचान तरुण के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार बुधवार को जेजे कॉलोनी इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच पानी से भरे गुब्बारे को लेकर हुए विवाद के बाद हुई झड़प में गंभीर चोटें लगने से उसकी मौत हो गई।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को बताया कि अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
वहीं, पीटीआई से बात करते हुए तरुण के पिता मेमराज ने दावा किया कि रंगीन पानी से भरा एक गुब्बारा गलती से दूसरे परिवार की एक महिला पर गिर गया था, जिससे विवाद शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि होली की रात करीब 11 बजे का समय था और हम सोने की तैयारी कर रहे थे तभी वे लोग हम पर हमला करने आ गए। दिन में एक छोटी बच्ची से गलती से गुब्बारा गिर गया था, जो दूसरे समुदाय की एक महिला पर जा गिरा। उन्होंने इसे बहुत बड़ा मुद्दा बना दिया। हमने उनसे माफी भी मांगी थी। बाद में वह महिला अपने रिश्तेदारों को लेकर आई, जो डंडों से लैस थे और उन्होंने परिवार पर हमला कर दिया तो हम अपने घरों की ओर भागे। फिर उन्होंने बाहर से हमारे गेट बंद कर दिए। वे करीब 10–12 लोग थे। मेरे भाई को चोट लगी है, उसके सिर में टांके लगे हैं और हाथ टूट गए हैं। मेरी आंखों में भी चोट है और मेरी पत्नी को भी पीटा गया।
उन्होंने दावा किया कि तरुण होली खेलने गया था और घर लौटते समय उस पर हमला किया गया।उन्होंने कहा-"मेरा बेटा दोस्तों के साथ होली खेलने गया था। जब वह वापस आया तो वे उसका इंतजार कर रहे थे। उन्होंने उस पर बेरहमी से हमला किया और उसे मार डाला।”
मेमराज ने बताया कि उनका बेटा डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था और परिवार का सहारा बनना चाहता था। तरुण के चाचा ने आरोप लगाया कि इस घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तरुण को गली के बाहर उस समय पीटा गया जब वह घर लौट रहा था। वह सिर्फ 26 साल का था और पढ़ाई कर रहा था। उसे यह भी नहीं पता था कि क्या हुआ है। उन्होंने उसे गली के बाहर पकड़ लिया और हॉकी स्टिक और डंडों से उसके सिर पर हमला किया। पीड़ित के परदादा के भाई मान सिंह ने बताया तरुण मेरे भतीजे का बेटा था। हम एक साधारण परिवार हैं। हमें सिर्फ न्याय चाहिए। हमारे परिवार में कोई हिंसक नहीं है। अगर हम वैसे होते,तो हमारा अपना बच्चा क्यों मरता? उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का बुलडोजर मॉडल अपनाया जाए। उनके अवैध मकानों को गिराया जाए और सभी अवैध निर्माण हटाए जाएं।
मालूम हो कि दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह और पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और मृतक के परिजनों से बात की।