उत्तर प्रदेश के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, को एयरोड्रम लाइसेंस प्रदान कर दिया गया है। पर आखिर क्या है एयरोड्रम लाइसेंस (Aerodrome Licence)? क्या होगा इसका फायदा? कब से शुरू होने वाला है नोएडा एयरपोर्ट?
नोएडा एयरपोर्ट को डिरेक्टोरेट जनरल ऑफ सीविल एविएशन (DGCA) ने एयरोड्रम लाइसेंस दे दिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले नोएडा एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सीविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा संबंधित अप्रुवल भी मिल गया है। बताया जाता है कि DGCA से एयरोड्रम लाइसेंस का मिलना कोई आम बात नहीं है। यह इस बात का सबूत है कि आखिरकार लंबे इंतजार के बाद अब नोएडा एयरपोर्ट उड़ानों के संचालन को शुरू करने के काफी करीब है।
क्या होता है एयरोड्रम लाइसेंस?
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस को 1937 के एयरक्राफ्ट रुल्स 78 के तहत जारी किया जाता है। यह लाइसेंस के जारी होने का मतलब है कि एयरपोर्ट ने उड़ानों का संचालन शुरू करने से संबंधित सभी सुरक्षा सिस्टम, संरचना, नेविगेशन और आपातकालीन सेवाओं आदि में प्रतिक्रिया करने के बारे में DGCA द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा कर लिया है।
कब होगा उद्घाटन?
नोएडा एयरपोर्ट को DGCA ने एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया है। यह लाइसेंस 6 महीने के लिए ही वैध रहती है। इसका मतलब है कि अगले 6 महीने के दौरान जेवर (नोएडा) एयरपोर्ट से यात्रीवाही उड़ान सेवाओं को शुरू कर देना होगा। मीडिया रिपोर्ट्स में एयरपोर्ट प्रशासन के हवाले से दावा किया गया है कि नोएडा एयरपोर्ट पर सभी तैयारियों और जितने काम बाकी हैं, उन्हें पूरा करने में 45 दिनों का समय लग सकता है जिसके बाद इसे जल्द से जल्द खोलने की तैयारियां की जाएंगी।
गौरतलब है कि नोएडा (जेवर) के गौतम बुद्ध नगर में इस एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। एक बार यहां से यात्री सेवाएं शुरू हो जाती हैं तो यह एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।