जयपुरः राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से इंतजार की जा रही कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना की शनिवार को औपचारिक शुरुआत हो गई। कोटा में आयोजित कार्यक्रम में एयरपोर्ट का शिलान्यास किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और जनसभा को संबोधित किया। जैसे ही प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े, सभा स्थल पर मौजूद लोगों ने जोरदार नारों और तालियों से उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष और कोटा–बूंदी सांसद ओम बिरला तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौजूद रहे। नेताओं ने इस परियोजना को हाड़ौती क्षेत्र के विकास के लिए बड़ा कदम बताया।
वर्षों पुराना सपना हुआ साकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोटा में एयरपोर्ट बनना हाड़ौती क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2020 में उन्होंने कोटा के लोगों से एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था। अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और जल्द ही एयरपोर्ट का निर्माण शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद कोटा और आसपास के जिलों के लोगों को हवाई यात्रा के लिए जयपुर या जोधपुर नहीं जाना पड़ेगा। इससे यात्रा आसान होगी और समय की भी बचत होगी।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा ऊर्जा उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और यहां उद्योगों की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से नए उद्योग स्थापित होंगे और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
हाड़ौती की पहचान का किया जिक्र
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने हाड़ौती क्षेत्र की सांस्कृतिक और कृषि पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोटा कैजोरी, बूंदी का चावल, कोटा डोरिया और कोटा का धनिया देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कोटा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे खड़े गणेश जी मंदिर, मथुराधीश मंदिर और गोदावरी धाम का भी जिक्र किया।
पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को भी फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट बनने के बाद मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ अभयारण्य जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि कोटा पहले से ही देश का बड़ा शिक्षा केंद्र है जहां हजारों छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से शिक्षा, उद्योग और पर्यटन तीनों क्षेत्रों को फायदा होगा।