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नए आपराधिक कानून लागू करने में उत्तराखंड बना देश के लिए मॉडल

वन डेटा, वन एंट्री सिस्टम से उत्तराखंड में तेज हुई न्याय प्रक्रिया।

By रजनीश प्रसाद

Mar 07, 2026 16:42 IST

देहरादून : भारत की न्याय और कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्तराखंड ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 के राष्ट्रीय क्रियान्वयन में राज्य देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह जानकारी जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर सामने आई है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) के CCTNS/ICJS प्रोग्रेस डैशबोर्ड के अनुसार उत्तराखंड ने 93.46 अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है। इस सूची में हरियाणा 93.41 अंक के साथ दूसरे, असम 93.16 अंक के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 अंक के साथ चौथे और मध्य प्रदेश 90.55 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है।

राज्य की इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और लगातार निगरानी को दिया जा रहा है। नई आपराधिक कानून व्यवस्था भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद इसकी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों और जिला स्तर के पुलिस अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। लगातार निगरानी के कारण तकनीकी समस्याओं को समय रहते दूर किया गया। इससे पुलिस विभाग नई कानूनी व्यवस्था को तेजी से लागू करने में सफल रहा।

इस उपलब्धि की सबसे बड़ी वजह ICJS 2.0 के तहत लागू किया गया “वन डेटा, वन एंट्री” सिस्टम है। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस, ई-कोर्ट, ई-प्रिजन, ई-प्रोसिक्यूशन और ई-फॉरेंसिक विभागों के बीच डेटा आसानी से साझा हो रहा है। एक बार जानकारी दर्ज होने के बाद वह तुरंत सभी संबंधित विभागों तक पहुंच जाती है। इससे कागजी काम कम हुआ है और मामलों के निपटारे में तेजी आई है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके लिए “ई-साक्ष्य” ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

राज्य में 23 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को नए कानूनों के बारे में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए वर्चुअल कोर्ट सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन जैसी व्यवस्थाएं भी शुरू की गई हैं।

उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (अपराध व कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने कहा कि राज्य ने तकनीकी ढांचे के साथ-साथ रियल टाइम डेटा एंट्री में भी रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड को देश में स्मार्ट पुलिसिंग का आदर्श मॉडल बनाती है।

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