धर्मतला के धरना मंच से अचानक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी आवाज उठायी है। शनिवार को भाजपा पर कटाक्ष करते हुए तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि किसी को भी अपनी मियाद पूरी नहीं करने दे रहे हैं। उन्हें धमकाया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, भाजपा के खिलाफ भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं।
पिछले गुरुवार को बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अचानक इस्तीफा दे दिया। कुछ देर बाद ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल आर एन रवि को नियुक्त किया गया है। इसके बाद ही राज्यपाल को बदलने को लेकर तृणमूल ने अपने तेवर तल्ख किए हैं। उसी दिन अपने X हैंडल पर मुख्यमंत्री ने पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने अपने अचंभित होने की बात लिखी थी। इसके साथ ही उन्होंने बताया की नियमानुसार उन्होंने मेरी सलाह भी नहीं ली थी।
शनिवार को धरनामंच से ममता बनर्जी ने उसी मुद्दे को फिर से उठाया और कहा कि यहां के राज्यपाल आनंद बोस को किस तरह से हटाया गया, यह तो सभी ने देखा। किस तरह से हुआ, मुझे इसकी पूरी जानकारी है। उन्हें डराया गया है। इसके कारण के तौर पर उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया है। तृणमूल सुप्रीमो ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले राजभवन को भाजपा का पार्टी ऑफिस बना दिया जाएगा। वहीं से रुपए बांटे जाएंगे।
Kolkata | West Bengal CM Mamata Banerjee says, "I have heard about the new governor. He is working for the BJP. But Bengal is different. " pic.twitter.com/nvahruxxuc
— ANI (@ANI) March 7, 2026
दिल्ली में जो बैठे हुए हैं, वे सभी तुगलक की ही पीढ़ी के लोग हैं। कोई नैतिकता नहीं है। किसी को इम्पिचमेंट का डर दिखाया जा रहा है। किसी को प्रमोशन करने का लालच दिया जा रहा है। किसी को मियाद पूरी नहीं करने दे रहे हैं। धनखड़ को चुनाव के बाद लेकर गए और उसके बाद उपराष्ट्रपति बनाया गया। लेकिन इसके बाद क्या हुआ? धनखड़ वाली हालत ही आनंद बोस का भी कर दिया है।
राज्यपाल की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी नाराजगी जतायी। उन्होंने कहा कि नए जो आए हैं, उनको कोर्ट से बहुत सुनना पड़ा है। नए राज्यपाल भाजपा का परेड करने वाले कैडर हैं। याद रखें, बंगाल अलग है। तमिलनाडु ने जो किया, स्टैनली को काफी जवाब देना पड़ा था। लेकिन याद रखें बंगाल और तमिलनाडु एक नहीं है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल का विभाजन ही भाजपा का लक्ष्य है। इस मामले में उन्होंने कहा कि कल मैंने एक ट्वीट (वर्तमान X) देखा, दिल्ली के बाबुओं ने अफवाह फैलायी है कि बंगाल-बिहार को बांटकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाएगा। बंगाल को हाथ लगाकर दिखाए। वे बंगाल का बंटवारा करना चाहते हैं, एक बार फिर से बंगभंग करने की फिराक में हैं। बिहार को बांटकर झारखंड बनाया। डबल इंजन की सरकार जहां भी रहेगी वहीं लूट कर खाएगी। बंगभंग करने के लिए वोट काटने की योजना है? पहले एपस्टिन को संभाले, उसके बाद बंगभंग करें।
बंगाल के लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ERO को जब सभी दस्तावेज मिल रहा है तो उन्हें वैध के तौर पर स्वीकार करने के बाद दिल्ली से मतदाताओं का नाम काट दिया जा रहा है।