लाहौर: एक तरफ जहां भारतीय टीम टी20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच रही है, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी देश पाकिस्तान से क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पाकिस्तान के 24 साल के युवा क्रिकेटर शहजेब भट्टी ने महज 24 साल की उम्र में पाकिस्तानी क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। उनके इस फैसले के बाद से ही पाकिस्तान क्रिकेट पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
देश के लिए खेलना मेरा सपना था, लेकिन...
पिछले साल कायदे आजम ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे शहजेब भट्टी ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए संन्यास का ऐलान किया। उन्होंने लिखा, 'अलविदा पाकिस्तान क्रिकेट। 24 साल की उम्र में मैं पाकिस्तान क्रिकेट छोड़ रहा हूं। पिछले साल मैंने लाइव टीवी पर कायदे आजम ट्रॉफी का फाइनल जीता था, लेकिन उसके बाद से मुझे लगातार 40 मैचों के लिए बेंच पर बैठा दिया गया।'
पॉलिटिक्स और भ्रष्टाचार पर फोड़ा ठीकरा
शहजेब ने अपने पोस्ट में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा एकमात्र सपना पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना था। लेकिन राजनीति, भ्रष्टाचार और लचर ढांचे ने मेरे और कई अन्य खिलाड़ियों के करियर को बर्बाद कर दिया है। अब मुझे समझ आ रहा है कि हर कोई पाकिस्तान क्रिकेट क्यों छोड़ रहा है।' पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर पहले से ही ऐसे इल्जाम लगते रहे हैं। पाकिस्तान में क्रिकेटर्स का संन्यास लेना और फिर संन्यास से वापसी करना आम बात है।
फैंस और क्रिकेट जगत में हड़कंप
महज 24 साल की उम्र में, जब एक खिलाड़ी अपने करियर के शिखर पर होता है, शहजेब का यह फैसला पाकिस्तान में प्रतिभाओं के पलायन की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। पिछले कुछ समय में कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने बेहतर अवसरों और निष्पक्ष चयन की तलाश में अन्य देशों का रुख किया है या क्रिकेट छोड़ दिया है। शहजेब का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पीसीबी के चयन मानदंडों पर सवाल उठा रहा है। यही कारण है कि आज के दिन पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।