अहमदाबाद : एक समय भारत की प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे थे लेकिन रविवार को फाइनल में वही संजू सैमसन भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक हैं। अभिषेक और ईशान के नाकाम रहने के दिनों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर टीम को सहारा दिया। वेस्ट इंडीज के खिलाफ उन्होंने 50 गेंदों में 97 रनों की जुझारू पारी खेली थी। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 89 रन बनाए और इसके पीछे है पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का पेप-टॉक। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले रोहित की सलाह ने ही संजू की किस्मत बदल दी। आखिर रोहित ने संजू को पेप-टॉक क्यों दिया था? इसका खुलासा उन्होंने खुद किया।
रविवार को टी-20 विश्वकप के फाइनल में भारत और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने होंगे। उससे पहले ICC की ओर से एक वीडियो पोस्ट किया गया है। उसी वीडियो में रोहित को संजू को पेप-टॉक देने के बारे में बोलते हुए देखा गया।
उन्होंने कहा कि मैं कभी-कभी किसी क्रिकेटर की मानसिक स्थिति समझ सकता हूं। मैं खुद भी इस स्थिति से गुज़र चुका हूं। ऐसे बड़े टूर्नामेंट में मौका न मिलने पर मन की स्थिति कैसी होती है यह मैं समझता हूं। इसलिए मैंने संजू से कहा था कि शांत रहें और अपने मौके का इंतजार करें। संजू लंबे समय से भारत के लिए खेल रहा था लेकिन विश्वकप से ठीक पहले टीम से बाहर हो गया था। इसलिए मैंने उसे कहा था कि कई बार अचानक मौके मिलते हैं और उन्हें काम में लेना होता है और भारत के लिए महत्वपूर्ण मैच में उसने यह करके भी दिखाया है।
इस वीडियो को लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच जोरदार चर्चा चल रही है। रोहित ने लोगों का दिल जीत लिया है। 2011 में उन्हें विश्वकप टीम में जगह नहीं मिली थी। ओपनर के तौर पर अपनी जगह पक्की करने से पहले वह कई बार टीम से बाहर हुए थे। इसलिए संजू की मानसिक स्थिति को समझते हुए रोहित ने यह पेप-टॉक दिया था। अब देखना होगा कि फाइनल में संजू कितना दमदार प्रदर्शन कर पाते हैं।