हर दिन की तरह सोमवार को भी ईरानी समाचार पत्र 'तेहरान टाईम्स' (Tehran Times) प्रकाशित हुआ। लेकिन इस दिन के समाचार पत्र में कुछ ऐसा था जिसने दुनिया भर में सनसनी फैला दी है। 'तेहरान टाईम्स' के पहले पन्ने में 168 बच्चों की ब्लैक एंड व्हाईट फोटो और उनके नाम छपे हुए थे। समाचार पत्र की ओर से सोशल मीडिया पर पहले पन्ने की फोटो शेयर की गयी है।
इसके साथ ही 'तेहरान टाईम्स' ने इस पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक संदेश भी लिखा है। 'तेहरान टाईम्स' की ओर से आखिर क्या संदेश लिखा गया है?
'तेहरान टाईम्स' ने सोशल मीडिया पर अपने समाचार पत्र के प्रथम पन्ने की जो फोटो शेयर की है, उसके साथ कैप्शन में लिखा है, 'ट्रंप उनकी आंखों में देखें। सैंकड़ों ईरानी बच्चों की मौत के बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति मिनाब के स्कूल पर बमबारी की बात को अस्वीकार कर रहे हैं।' 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन दक्षिण ईरान के हरमुजगान प्रदेश के मिनाब शहर में स्थित शाजारेह तैयबेह प्राथमिक बालिका विद्यालय पर हमले में इन बच्चों की मौत हो गयी थी।
ईरान से लड़ाई में इस स्कूल पर हुआ हमला अमेरिका और इजरायल के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्वाभाविक रूप से 'तेहरान टाईम्स' का यह भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। विरोध-प्रदर्शन भी किया जा रहा है। जिनेवा में राष्ट्रसंघ में नियुक्त ईरानी दूत का दावा है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में 150 से अधिक स्कूली छात्रों की मौत हो गयी है। इतने बच्चों की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? इसे लेकर विवाद भी शुरू हो चुका है।
Tomorrow's edition of the Tehran Times
— Tehran Times (@TehranTimes79) March 8, 2026
Stay tuned for straight truth pic.twitter.com/1OiUppPuD3
अब तक अमेरिका कह रहा था कि वे मामले की जांच करेंगे। रॉयटर्स की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी युद्ध जांचकर्ताओं का भी मानना है कि इस हमले के पीछे अमेरिकी सेना का ही हाथ है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। एयर फोर्स वन में बैठकर संवाददाताओं से उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह ईरान का ही काम है। उनके हथियारों का निशाना पक्का नहीं है।
हालांकि इस घटना के बाद से ही नेटिजेन्स अमेरिका और इजरायल का लगातार विरोध कर रहे हैं। 'तेहरान टाईम्स' के पहले पन्ने ने उनके गुस्से को और भी भड़का दिया है। बड़ी संख्या में लोगों ने तुरंत युद्ध बंद करने और शांति की मांग की है। एक व्यक्ति ने कमेंट किया है कि खिलने से पहले ही इतने सारे फूलों को कुचल दिया गया है। अमेरिका के आम जनता भी इस घटना की जवाबदेही मांग रहे हैं।